हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ की हड़ताल के कारण सोमवार को ई-दिशा केंद्र, तहसील कार्यालय, उपायुक्त कार्यालय सहित अन्य कार्यालयाें में काम प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय पर एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। ई-दिशा केंद्र में अपने काम के लिए पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। संघ के सदस्याें ने मांगों को लेकर लघु सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन किया। धरना देकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष प्रदर्शन किया। अध्यक्षता जिला प्रधान घनश्याम पेटवाड़ ने की।
कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल के कारण ई-दिशा केंद्र का काम पूरी तरह से बंद रहा। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस बनाना, वाहनों का पंजीकरण, वाहन पंजीकरण ट्रांसफर, अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने सहित अन्य काम ठप रहे। तहसील कार्यालय में रोजाना 100 रजिस्ट्री होती हैं लेकिन सोमवार को एक भी नहीं हुई। एसडीएम कार्यालय में वाहनों का पंजीकरण, लाइसेंस, चालक प्रशिक्षण से जुड़े काम बंद रहे। डीसी कार्यालय-एडीसी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी काम बंद रहा।
जिला सचिव सुमित सहारण, कोषाध्यक्ष मोहित ने कहा कि संघ काफी समय से अपनी मांगो को लेकर संघर्ष कर रहा है। सरकार का हमारी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। संघ के सदस्यों ने 9 दिसंबर को शाहाबाद से पैदल यात्रा शुरू की है। इसमें प्रशासन ने संगठन के लगभग 250 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इसके आक्रोश पर अचानक सोमवार की हड़ताल बुलानी पड़ी। उन्होंने कहा कि जिला आईटी सोसायटी (डीआईटीएस) का केंद्रीयकरण करते हुए बजट का प्रावधान किया जाए। सभी कार्यरत कर्मचारियों के पद सर्जित किए जाएं। एचकेआरएनएल में भेजे गये सभी कर्मचारियों को वापस डीआईटीएस में किया जाए। 58 वर्ष तक सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। नियमित किए जाने तक नियमित कर्मचारियों के समान वेतन व अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाए। 12 दिसंबर को सभी जिलों के कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के सदस्य चंडीगढ़ पहुंच कर सीएम को ज्ञापन देंगे। धरना प्रदर्शन में घनश्याम, सुमित सहारण, रमेश नैन, संजीव, विक्रम डूडी, विक्रम बैंदा, रामनिवास, रोहताश, अशोक शर्मा, सोमबीर, रविंदर ढांडा, सुरेंद्र इंदौरा, सुमन, नीलम, अशोक, पवन, सुभाष, ललित, चतरभुज, नवीन, सतीश, नीलम, सुमन, सुनीता आदि उपस्थित रहे।