हिसार। लघु सचिवालय परिसर में घुसने को लेकर किसानों का पुलिस के साथ टकराव हो गया। काफी देर तक पुलिस किसानों को रोकने का प्रयास करती रही। इसमें कुछ किसान गिरकर मामूली चोटिल हो गए। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। किसानों ने पहले बैरिकेड्स को पार किया, इसके बाद लघु सचिवालय के गेट को भी पार कर गए। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रतिनिधि मंडल को एडीसी नीरज कुमार ने बातचीत के लिए बुलाया। किसानों ने मुआवजा वितरित करने के लिए 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया।
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संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के किसान व मजदूर संगठनों के राज्य स्तरीय नेता ,किसान-मजदूर क्रांतिमान पार्क में इकट्ठा हुए। किसान नेता सूरजभान डाया अध्यक्षता में किसान पैदल मार्च करते हुए सचिवालय तक पहुंचे। लघु सचिवालय के गेट पर अंदर जाने को लेकर किसानों का काफी देर तक टकराव रहा। पुलिस ने किसानों को रोकने का पूरा प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सकी। इसके बाद एडीसी नीरज कुमार ने किसानों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया। संयुक्त किसान मोर्चा का 25 सदस्यीय प्रतिनिमंडल बातचीत के लिए पहुंचा। प्रशासन की ओर से एडीसी के साथ जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, उप कृषि निदेशक राजबीर सिंह मौजूद रहे।
2086 किसानों का मंजूर बीमा क्लेम दस्तावेजों की कमी से अटका
प्रतिनिधिमंडल में शामिल विकास सीसर, रणबीर मलिक, सतबीर, बस्ती राम, दिलबाग सिंह हुडा लुदास, रत्न मान, कुलदीप पूनियां, जोगिन्द्र, सुखदेव जम्मू, हर्षदीप गिल, बिमला तरड़, शमशेर नंबरदार, बलराज बिसला आदि ने खरीफ 2022, खरीफ 2023 के फसल बीमा क्लेम व बकाया मुआवजा का मामला उठाया। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2022 के फसल बीमा का 396 करोड़ रुपये का क्लेम किसानों के खातों में डाला जा चुका है। 2086 किसानों का मंजूर बीमा क्लेम बैंक खातों में कागजों की कमी के कारण अभी बकाया पड़ा है। 72 गांवों का बकाया बीमा क्लेम 31 दिसंबर तक मंजूर करके किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 31 के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बड़ा आंदोलन करेंगे।