हिसार। टोक्यो पैरालंपिक में शनिवार को बैडमिंटन के सेमीफाइनल मुकाबले में हिसार के सातरोड़ कलां निवासी तरुण ढिल्लों का हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उनका रजत पदक जीतने का सपना टूट गया। हालांकि तरुण से कांस्य पदक की उम्मीद बरकरार है। रविवार को इंडोनेशिया के खिलाड़ी से मुकाबला होगा।
पैरा खिलाड़ी तरुण ढिल्लों के भाई तजेंद्र ने बताया कि बैडमिंटन के पहले सेट में तरुण 16-21 से पिछड़ गए थे, इसके बाद दूसरा सेट तरुण ने 21-16 से जीतकर बराबरी कर ली, लेकिन तीसरे सेट में मिली हार से उनकी चांदी फीकी पड़ गई। वहीं परिजनों का कहना है कि तरुण का खेल रहा था, उन्हें तरुण से पदक की उम्मीद है।
बता दें कि शुक्रवार को तरुण के दो मुकाबले हुए थे। जिसमें से एक में जीत मिली, जबकि एक में हार का सामना करना पड़ा था। अब रविवार को कांस्य पदक के लिए उसी इंडोनेशिया के खिलाड़ी से मुकाबला होगा। तजेंद्र ने कहा कि तरुण पिछली हार का बदला लेते हुए कांस्य पदक जीतेगा। पैरालंपिक में मूलरूप से हिसार जिले के रहने वाले तीन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अर्बन एस्टेट-2 की एकता भ्याण और ढंढेरी गांव के रहने वाले अरविंद मलिक पहले ही हार कर पैरालंपिक से बाहर हो चुके हैं। अब तरुण ढिल्लों से ही पदक की उम्मीद बरकरार है।