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उम्मीद की मिसाल: सिर में चोट लगने के बाद भी बॉक्सर अनमोल ने नहीं हारी हिम्मत, जीत लाया चांदी

Mon, 02 May 2022 01:27 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

अनमोल ने बंगलूरू में हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के बॉक्सिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। अनमोल ने 92 किलोग्राम भारवर्ग में पंच का दम दिखाते हुए हरियाणा का नाम देश में रोशन किया।
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अपने कोच के साथ बॉक्सर अनमोल बिश्नोई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ढाई साल पहले आदमपुर निवासी बॉक्सर अनमोल बिश्नोई को सिर में चोट लगने के बाद चिकित्सकों ने उसे बॉक्सिंग खेलने से मना कर दिया था। इसके बावजूद अनमोल ने हिम्मत नहीं हारी। डेढ़ माह पहले वह रिंग में उतरा और फिर से प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। हाल ही में बंगलूरू में हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के बॉक्सिंग इवेंट में अनमोल ने 92 किलोग्राम भारवर्ग में पंच का दम दिखाते हुए रजत पदक पर कब्जा कर हरियाणा का नाम देश में रोशन किया। 

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हरियाणा के हिसार जिले के आदमपुर कस्बे के जवाहर नगर निवासी बॉक्सर  अनमोल ने बताया कि फाइनल में उसका मुकाबला सोनीपत के नितिन दहिया के साथ हुआ, लेकिन वह 5-0 से हार गया। उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। बॉक्सर अनमोल वर्ष 2014 से आदमपुर में सुभाष चंद्रा बॉक्सिंग ट्रेनिंग सेंटर में खेल इंचार्ज सूबे सिंह बेनीवाल और कोच लक्ष्मण रावत के पास प्रशिक्षण ले रहा है। अनमोल ने बताया कि उनका मुकाबला 28 अप्रैल को हुआ था।

अनमोल ने बताया कि ढाई साल पहले वह बाइक से गांव चबरवाल से आदमपुर आ रहा था। इसी दौरान बाइक के आगे अचानक नील गाय आ गई। वह बाइक से नीचे गिर और सिर लहूलुहान हो गया। इलाज के बाद काफी समय बाद स्वस्थ हुआ। चिकित्सकों ने उसे बॉक्सिंग नहीं खेलने की सलाह दी। करीब ढाई साल तक बॉक्सिंग से दूर रहा।  
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मामा से मिली थी रिंग में उतरने की प्रेरणा
अनमोल वर्ष 2014 में अपने मामा अमित बिश्नोई से प्रेरणा लेकर रिंग में उतरा। उसने बताया कि मामा बॉक्सिंग खेलते थे। मामा को देखकर मैंने भी बॉक्सिंग में कॅरियर बनाने की ठान ली और पीछे मुड़कर नहीं देखा। अनमोल के पिता तेजा सिंह हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। माता शशि बाला गृहिणी है। 

माता-पिता का मिला साथ तो यहां तक पहुंचा 
अनमोल ने बताया कि यहां तक वह माता-पिता की वजह से ही पहुंच पाया है। माता-पिता आज भी मुझे खेलने के लिए प्रेरित करते है। डेढ़ महीने पहले ही रिंग में उतरा। 

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