हिसार। प्रदेश में कई गांवों में पशुओं को मुंहखुर के टीके नहीं लगने और कुछ स्थानों पर पशुओं की हुई मौतों को लेकर कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने विभाग के निदेशक को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मामले में जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी।
वह शनिवार को हिसार के अर्बन एस्टेट स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचे थे। कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश पिछले तीन वर्षों से मुंहखुर की बीमारी से मुक्त है और समय-समय पर पशुओं की वैक्सीनेशन की जा रही है। इस संबंध में हम बेहद चौकन्ने हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 45 लाख मुंहखुर के टीके लग चुके हैं। हाल ही में जिले के गांव बालक में 10 से अधिक रोहतक के गांव कारोरा में 7 और जींद के जलालपुर कलां गांव में 15 पशुओं की मौत हुई है। इन मौतों पर उठे सवाल पर उन्होंने तुरंत फोन पर संपर्क कर पशुपालन विभाग के निदेशक को जांच कर लिखित में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि हम पशुओं में होने वाली बीमारियों को लेकर सचेत हैं। उन्होंने माना कि प्रदेश में पशु चिकित्सकों की कमी है और जल्द ही नए पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि एक नई योजना के तहत पशुपालकों के लिए एक कॉल सेंटर की भी स्थापना की जा रही है, जहां कॉल करने पर किसानों के पास ही जल्द से जल्द चिकित्सक एवं एंबुलेंस पहुंचेंगे। इससे पशुओं में आने वाली बीमारियों का जल्द निवारण करने में आसानी होगी।