हॉस्पिटल में परिजनों से बातचीत करते पुलिस कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Hisar
हांसी। रामायण टोल प्लाजा पर काम करने वाले टोल कलेक्टर की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान हिसार के दुर्जनपुर निवासी 21 वर्षीय सोनू के रूप में हुई। परिजनों ने टोल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने व मुआवजा की मांग की सिविल अस्पताल में हंगामा कर दिया। इसके बाद शनिवार शाम को परिजनों व टोल प्रबंधन के साथ बातचीत में 10 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी और मामले में समझौता हो गया।
मृतक के मामा ने शिकायत में कहा गया कि उनका भांजा सोनू बीते दिनों से रामायण टोल प्लाजा पर नौकरी करता था। शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे गांव में उसके दादा के पास फोन आया कि सोनू को करंट लग गया है। इसके बाद वे टोल प्लाजा पर पहुंचे, जहां सोनू मृत मिला। उन्हें शक है कि उनके भांजा की किसी ने साजिश के तहत हत्या की है, जिसकी जिम्मेवारी टोल कंपनी की है। मृतक के परिजनों ने टोल प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की मांग की सिविल अस्पताल में हंगामा कर दिया। इसके बाद रामायण टोल प्लाजा पर परिवार के समर्थन में किसान पहुंचे और धरना शुरू किया गया। देर शाम को टोल प्रबंधन के अधिकारियों व परिजनों बैठक हुई। जिसमें परिजनों ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई। इसके बाद बैठक में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता करने पर सहमति बनी। परिवार में सोनू की मां, दादा, पत्नी व डेढ वर्षीय बेटा है।
इस मामले में दोनों पक्षों के बीच में सहमति बन गई। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला लिया गया है कि डीडीआर करेंगे। - रामफल, एसएचओ, सदर थाना
मामले में समझौता हो गया है और 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। सुबह बैठक करेंगे, उसमें कुछ और फैसला लेंगे। हम अपने स्तर पर भी आर्थिक मदद करेंगे। कुलदीप खरड, युवा जिलाध्यक्ष, भाकियू
मामले में राजीनामा हो गया। परिवार की आर्थिक रुप से मदद की जाएगी।
- नसीब चहल, मैनेजर, रामायण टोल प्लाजा।