हिसार। बिजली बिलों की त्रुटियों के कारण इन दिनों उपभोक्ताओं की जेबें ढीली हो रही हैं। कारण है कि बिजली निगम ने शहर में 60 प्रतिशत से अधिक बिजली बिल गलत बना दिए। जिस कारण बिलों में भुगतान राशि कुछ और है और निगम के कर्मचारी वसूल कुछ और रहे हैं। बिजली निगम की लापरवाही इतनी बढ़ चुकी है कि समयाविधि खत्म होने से पूर्व ही उपभोक्ताओं से जुर्माना राशि भी वसूली जा रही है। गौरतलब है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 1 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। जिनमें से 60 प्रतिशत बिजली बिल गलत बनने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त चार्ज का भुगतान करना पड़ रहा है।
खुद के बनाए नियम तोड़ रहा बिजली निगम
बिजली निगम के नियमानुसार उपभोक्ताओं को 60 दिन में खपत यूनिट के आधार पर बिजली बिल बनाकर भेजा जाता है, लेकिन बिजली निगम खुद के बनाए नियम तोड़ रहा है। 30 प्रतिशत से अधिक बिलों में 70 से 75 दिन के आधार पर बिल बनाए गए हैं। जिस कारण अतिरिक्त चार्ज लगने से उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्लैब पार होने से बढ़ रही भुगतान राशि
बिजली निगम ने खपत यूनिट के आधार पर कुछ स्लैब निर्धारित किए हैं। जिसमें प्रति किलोवॉट के हिसाब से 0-51 यूनिट तक 2.70 रुपये, 51 से 150 यूनिट तक 4.50 रुपये, 151 से 250 यूनिट तक 5.25 रुपये, 251 से 500 यूनिट तक 6.30 रुपये, 501 से 800 यूनिट तक 7.10 रुपये व इससे अधिक यूनिट खपत होने पर 7.10 रुपये वसूला जाता है।
ये बोले उपभोक्ता
मेरा 70 दिन का बिजली बिल बनाकर भेजा है। जिसमें कुल 4670 भुगतान राशि है, लेकिन मुझसे 4731 रुपये वसूले गए है। जोकि नियमानुसार गलत है।
- अमित सोनी, उपभोक्ता।
मेरा 1067 रुपये का बिजली का बिल है, लेकिन मुझसे 1093 रुपये वसूले गए हैं। जबकि समय अविधि खत्म होने में दो दिन शेष थे।
- विरेंद्र, उपभोक्ता।
पहले मेरा 60 दिन का 1100 रुपये तक का बिजली बिल आता था, लेकिन अब 1200 रुपये का बिल बनकर आया है। कारण पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
वर्जन
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। अगर ऐसा है तो चेक करवाया जाएगा। हालांकि अभी बिलों में एफएसए चार्ज वसूला जा रहा है। एक अक्टूबर से एफएसए चार्ज नहीं लिया जाएगा।
- राजेंद्र सभ्रवाल, एसई, बिजली निगम, हिसार।