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डेंगू के 33 नए मरीज मिले, नागरिक अस्पताल में सैंपलिंग के लिए हो रही परेशानी

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हिसार। डेंगू के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग दावे करते नहीं थकता, लेकिन दावों की पोल नागरिक अस्पताल में ही खुल रही है। डेंगू आशंकित मरीज का सीबीसी टेस्ट तो करवाया जा रहा है, लेकिन इसके लिए भी मरीज भटकने को मजबूर हैं। दरअसल नागरिक अस्पताल की जनरल लैब में स्टाफ की कमी भी इसकी मुख्य वजह के रूप में सामने आ रही है।
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जिले में मंगलवार को डेंगू के 33 नए मरीज मिले। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि अभी तक 2568 डेंगू आशंकित लोगों के सैंपल लिए गए हैं, इनमें से 480 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। 254 मरीज डेंगू से रिकवर हो चुके हैं। फिलहाल जिले में 225 डेंगू सक्रिय मरीज हैं।
नागरिक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन की कमी
स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल की जनरल लैब में लैब टेक्नीशियन (एलटी) के 17 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में यहां 9 पद पर ही एलटी कार्यरत हैं। बाकी पद अभी खाली पड़े हैं। 9 में से भी तीन अवकाश पर चल रहे हैं। इन 9 में से 6 एलटी पक्के व 3 एलटी कच्चे हैं। वहीं लैब में प्रतिदिन करीब 1200 टेस्ट किए जा रहे हैं। ये टेस्ट अलग-अलग तरह के हैं। इनमें सीबीसी टेस्ट की बात की जाए तो प्रतिदिन करीब 50 सीबीसी टेस्ट हो रहे हैं। एक टेस्ट में प्रति टेस्ट की प्रक्रिया रिपोर्ट तक पूरी होने में दो से चार घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में अस्पताल में सुबह 9 से दोपहर साढ़े 12 बजे तक ही सैंपलिंग हो रही है। हालांकि स्टाफ का कहना है कि नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीज या इमरजेंसी में आने वाले की सैंपलिंग के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं है।
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इन जगहों से मिले मरीज
मंगलवार को गांव पाली, सेक्टर 1-4, सैनियान मोहल्ला, न्यू आदर्श कॉलोनी, मिलगेट, रेलवे कॉलोनी, श्यामलाल कॉलोनी, राजीव नगर, ऋषि नगर, 12 क्वार्टर, गांव राजथल, मंडी आदमपुर, भगाना, गांव खेड़ी, गांव लंधारी, अग्रोहा, महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, गांव बालक आदि विभिन्न क्षेत्रों में पाए गए हैं।
नागरिक अस्पताल में एसडीपी की सुविधा न होने की वजह से एक की बजाय लग रहा रहा चार यूनिट ब्लड
डेंगू पीड़ित मरीज को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है। इनके लिए नागरिक अस्पताल में एसडीपी मशीन न होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर आरटीपी मशीन है, लेकिन रक्तदाता ढूंढना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। इस वक्त रक्तदान करने वाली 100 संस्थाएं पंजीकृत हैं, लेकिन उसके सभी रक्तदाता रक्तदान कर चुके हैं। ऐसे में नागरिक अस्पताल में एसडीपी की सुविधा न होने पर आरडीपी चढ़ाई जाती है। दरअसल आरडीपी के लिए चार यूनिट रक्त की जरूरत होती है। वहीं एसडीपी के लिए यक काम एक यूनिट रक्त से ही हो जाता है। इस वजह से मरीजों के परिजनों को खुद रक्तदाता ढूंढने पड़ रहे हैं। वहीं, निजी ब्लड बैंक में भी एसडीपी की कमी देखी जा रही है।
ब्लड बैंक किट
मंगलम ब्लड बैंक 12
नलवा ब्लड बैंक 00
सर्वोदय ब्लड बैंक 00
डेंगू आशंकित एक युवक की गई जान
हिसार। सिविल लाइन थाना एरिया में स्थित एक निजी अस्पताल में डेंगू आशंकित युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। राजगढ़ निवासी 19 वर्षीय युवक को सोमवार दोपहर को इस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। मृतक के पिता ने बताया कि बेटे की तबीयत तीन-चार दिन से खराब थी। जिस पर उसे सोमवार को अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। उस दौरान उसके प्लेटलेट्स 17 हजार थीं। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे उसकी प्लेटलेट्स 27 हजार पहुंच गईं। कुछ देर बाद वह लंबी-लंबी सांस लेने लगा। अस्पताल स्टाफ ने उसे संभाला, लेकिन वह दम तोड़ चका था। मृतक के पिता का आरोप है कि उसके बेटे की मौत से पहले अस्पताल स्टाफ का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। मृतक युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पीछे 10 वर्षीय छोटी बहन रह गई है।
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