हिसार। हिसार मंडल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीकांत जाधव द्वारा नशे को रोकने के लिए विशेष अभियान के तहत 31 दिसंबर तक जिले के 20 गांवों को चिह्नित कर नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया है। शुक्रवार को एडीजीपी कार्यालय के प्रवक्ता सज्जन कुमार ने गांव ठसका व गांव फ्रांसी का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बैठक कर नशे की लत से मुक्त हुए युवाओं में आए सुधार की जानकारी ली। मंडल द्वारा नशे पर अंकुश लगाने के लिए तीन स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि पहला स्तर जो युवा नशे की लत में पड़ चुके हैं, उन्हें इस लत से बाहर निकाल उन्हें उपयोगी बनाना, दूसरा स्तर नई युवा पीढ़ी को जागरूक करना ताकि वह नशे की तरफ न जाए, तीसरा स्तर नशा तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई कर सलाखों के पीछे भेजना। गांव का माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्ती बरतने के बारे में एडीजीपी द्वारा जारी निर्देशों बारे भी ग्रामीणों को जानकारी दी। उन्होंने कहा हिंसक व असामाजिक तत्वों का इलाज गांव में ही होगा, सूचना के लिए उन्होंने एडीजीपी कार्यालय का संपर्क सूत्र 88140-11000 दिया। गांव ठसका व फ्रांसी में टीम के कार्यों की समीक्षा की गई, टीम ने गांव ठसका में 9 पीड़ितों की पहचान कर 5 का उपचार शुरू करवा दिया है। एक युवक को नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाना पाया है। वहीं, फ्रांसी मे दो लोगों की पहचान कर काउंसिलिंग करवाई गई है। दोनों गांव के ग्रामीणों ने बताया कि नशा तस्कर बाहर से आते हैं। अजनबी व संदिग्ध लोगों से ग्रामीण अपने स्तर पर पूछताछ करेंगे व पुलिस को सूचना देंगे।
इन गांवों में टीम ने किया सर्वे
1. धिकताना 2. बुगाना 3. बहबलपुर 4. चिडौद 5. हरिकोट 6. ढंढूर 7. चिकनवास 8. कालीरावण 9. झीडी 10. दुर्जनपुर 11. असरांवा 12. फ्रांसी 13. नंगथला 14. लांधड़ी 15. खासा महाजन 16. ठसका 17. बालक 18. प्रभुवाला 19. देवीगढ़ पूनिया 20. बधावड़