हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (एचटेट) के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने सोशल स्टडीज टीजीटी के लिए पिछले टेस्ट की शर्तें थोप दी हैं। इससे योग्य उम्मीदवार भी अयोग्य हो गए हैं।
यह मामला पिछली बार शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के सामने लाया गया था मगर न तो तब यह दुरुस्त हो पाई और न ही इस बार। कुछ अन्य विषयों के लिए भी अजीबो गरीब शर्तें तय की गई हैं।
इस समय एचटेट के लिए ऑनलाइन आवेदन भरे जा रहे हैं। एचटेट का आयोजन हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड कर रहा है मगर विषयों के लिए पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी के लिए शर्तें प्रदेश सरकार तय करती है।
सोशल स्टडीज के लिए इतिहास (हिस्ट्री) और भूगोल (जियोग्राफी) में से एक विषय जरूरी (कंपलसरी) कर दिया गया है। ग्रेजुएशन में तीन साल तक लगातार इनमें से एक विषय पढ़ा होना चाहिए।
वैसे बीए और बीकॉम पास विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय के अलावा दो विषयों का कंबीनेशन जरूरी कर रखा है और 50 फीसदी अंक जरूरी कर रखे हैं।
इन विषयों इतिहास, राजनीति शास्त्र, इकनॉमिक्स, जियोग्राफी, सोशियोलॉजी और साइकोलॉजी में से दो विषयों का कंबीनेशन जरूरी है। मगर शर्त लगा दी है कि इतिहास या भूगोल में से एक विषय तीन साल तक पढ़ा हो।
दसवीं तक हिंदी या संस्कृत भी पढ़ा हो। जिन विद्यार्थियों ने ग्रेजुएशन में अंग्रेजी के साथ सोशियोलॉजी और राजनीति शास्त्र विषयों का कंबीनेशन ले रखा है वे सब एचटेट के सोशल स्टडीज टीजीटी विषय के लिए अयोग्य हो गए हैं।
वे उम्मीदवार न तो पिछली बार एचटेट दे पाए थे और न इस बार दे पाएंगे क्योंकि वे आवेदन करने के योग्य नहीं है।