हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के सभी पूर्व सैनिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे सरकार के साथ मिलकर सेवाभाव से सरकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ धरातल तक पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें सस्ते मकान कब मिलेंगे। पांच-पांच लाख रुपये जमा कराए वर्षों हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां वेबिनार के माध्यम से प्रदेश के पूर्व सैनिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से मुखातिब हुए। इस मौके पर पूर्व सैनिकों ने उनसे सस्ते मकान से संबंधित यह सवाल पूछे। उन्होंने सीएम से कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि मकान कब तक बनकर तैयार होंगे। पूर्व सैनिकों ने न्यू पेंशन स्कीम का मुद्दा भी उठाया। साथ ही कहा कि हरियाणा में जनसंख्या के आधार पर खुली भर्ती फिर से शुरू कराने के लिए केंद्र सरकार से बात करें।
अब यह कहने की ही बात है कि सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सैनिक व अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वीएस कुंडू इन मसलों पर पूर्व सैनिकों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। राज्य सरकार का विजन है कि वॉलंटियर्स को जोड़कर समाज उत्थान में भागीदार बनाना है। इसके लिए राज्य सरकार ने समर्पण पोर्टल
samarpan.haryana.gov.in बनाया है, जिस पर सभी भूतपूर्व सैनिक और सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वयं को वॉलिंटियर्स के तौर पर पंजीकृत कर सकते हैं।
सरकार सभी के बहुमूल्य अनुभवों के सहयोग से योजनाओं को सही तरीके से पात्र व्यक्ति तक पहुंचा सकेगी। उन्होंने कहा कि आज तक एक प्रथा चलती रही है कि जिस व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेना है वह स्वयं सरकार के पास आए और संपूर्ण जानकारी देकर उस योजना का लाभ प्राप्त करे। इस सरकार ने यह प्रथा खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
हर हित योजना के लिए युवाओं को प्रेरित करें
मनोहर लाल ने पूर्व सैनिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अनुरोध किया कि हर हित योजना के लिए जरूरतमंद परिवारों के सदस्यों विशेषकर युवाओं को प्रेरित करें ताकि उन परिवारों को रोजगार प्राप्त हो सके। इसी प्रकार वीटा के माध्यम से भी कई लोगों को रोजगार देने की भी योजना बनाई जा रही है। जीवनयापन के लिए लोग गांव से शहर की ओर पलायन करते हैं, इसलिए शहरों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में ही व्यवस्था बनाना है। वेबिनार में फेसबुक, ट्विटर, यूटयूब व अन्य माध्यमों से 7 हजार से अधिक भूतपूर्व सैनिक व सेवानिवृत्त कर्मचारी जुड़े।