स्वास्थ्य मुख्यालय ने एक जनवरी 2014 से जिले में शुरू होने वाली मुख्यमंत्री मुफ्त स्वास्थ्य योजना (एमएमएसवाई) संबंधित कई निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत योजना का लाभ केवल हरियाणा निवासियों को ही मिल सकेगा लेकिन इमरजेंसी में आने वाले मरीजों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
बीके अस्पताल में एमएमएसवाई के तहत फ्री ओपीडी और इंडोर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए मरीजों को अस्पताल में अपने पंजीकरण के दौरान हरियाणा का निवासी होने का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। हालांकि, सड़क हादसे या किसी अप्रिय घटना में घायल होने वाले मरीजों के लिए यह नियम मान्य नहीं होगा। घायलाें व गैर हरियाणा निवासियों को सर्जरी के लिए वर्तमान में निर्धारित सर्जरी पैकेज दरों के अनुसार अस्पताल को भुगतान करना होगा। सिविल सर्जन डॉ. रामेेंद्र ने बताया कि मुख्यालय ने विभिन्न श्रेणियाें के निर्धारित मापदंडों को स्पष्ट कर दिया है जिसे एक जनवरी से अस्पताल में लागू कर दिया जाएगा।
अंग प्रत्यारोपण को लेकर भी निर्देश जारी
अंग प्रत्यारोपण में मरीजों को भुगतान करना होगा। जबकि निशुल्क इप्लांट की सुविधा बीपीएल मरीजों, अधिसूचित शहरी बस्तियों के मरीजों, हरियाणा राज्य से निशक्तता भत्ता पाने वालों, अनुसूचित जाति व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों और सड़क हादसों के पीड़ितों को दिया जाएगा।
सिटी स्कैन, एमआरआई का देना होगा शुल्क
सिटी स्कैन, एमआरआई जैसी जांचों को योजना का हिस्सा नहीं बनाया गया है। इसके अलावा निजी वार्ड में दाखिल होने वाले मरीजों को वार्ड शुल्क देना होगा। वार्ड मरीजों के लिए दवाइयां और जांच शुल्क लागू रहेंगे।