युवा इनेलो पदाधिकारियों ने राज्य सरकार पर नौकरियों में धांधली और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि प्रशासनिक सेवाओं में की जा रही भर्ती की जांच किसी पीठासीन न्यायधीश की देखरेख में करवाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दुष्यंत चौटाला ने किया। उन्होंने कहा कि वर्ष-2010 में एचसीएस के अंतिम परिणाम आने से पहले पार्टी महासचिव डॉ. अजय चौटाला ने एक सूची जारी की थी। इसमें बताया गया था कि भाई-भतीजों का चयन होने जा रहा है।
उसमें से ज्यादातर लोग चुने गए थे। अक्तूबर-13 में भी प्रशासनिक सेवा में यही कहानी दोहराई गई है। इससे युवा वर्ग बेहद निराश है।
छात्र लगन से मेहनत करते हुए अपनी योग्यता को आधार बनाकर सफलता के दरवाजे खटखटाते हैं, पर योग्य उम्मीदवारों के स्थान पर प्रभावशाली परिवारों के बच्चों का चयन हो जाता है।
प्रदेश भर में कई बार रोष प्रदर्शन करने के बाद भी कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। ज्ञापन देने वाले दल में प्रदीप गिल, बलदेव सिंह अलावलपुर, आरएस चौधरी, राम सिंह बराड़, धर्मवीर सिंह, भाग सिंह दमदमा, कुलदीप जखवाला भी शामिल थे।