कांग्रेस के बागी सांसद राव इंद्रजीत सिंह के भाजपा में शामिल होने की बात से दक्षिण हरियाणा की सियासत गरमा गई है। इस फैसले से उनके समर्थकों में खासा उत्साह है।
वहीं, कांग्रेस के इस गढ़ में भाजपा की सेंधमारी का खतरा बढ़ गया है।
दक्षिण हरियाणा जिसे अहीरवाल भी कहा जाता है, को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। यहां विधानसभा की तकरीबन 26 सीटें हैं। इनमें से अधिकांश कांग्रेस के कब्जे में हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी यहां के लोगों ने कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा।
राव इंद्रजीत सिंह और उनका सियासी घराना यहां की नुमाइंदगी करता रहा है। वह और उनके पिता संसद में कई बार इलाके का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके पिता मुख्यमंत्री भी रहे हैं। जबकि, उनके परदादा स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम की शख्सियत अहीरवाल में पूजनीय रही है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर दक्षिण हरियाणा की उपेक्षा करने का आरोप लगाकर राव इंद्रजीत के बगावत करने पर भी इलाके के लोगों ने उनका भरपूर साथ दिया। यहां के कई कांग्रेसी आज भी उनके साथ हैं। यहां तक कि उनके हरियाणा इंसाफ मंच में भी अधिकांश लोग कांग्रेसी ही हैं।
इंसाफ मंच के विलय के साथ भाजपा के साथ एक बड़ी फौज भी साथ आने वाली है। उनके इस कदम से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। हालांकि, राज्य के परिवहन मंत्री आफताब अहमद उनके भाजपा में जाने से किसी तरह के नुकसान की बात से इनकार कर रहे हैं।
भाजपा के दावेदार असहज
राव इंद्रजीत सिंह के भाजपा में शामिल होने से पार्टी के कई वरिष्ठ नेता असहज महसूस कर सकते हैं। उनमें से कई ऐसे हैं जो काफी दिनों से भाजपा की टिकट पर गुड़गांव संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे।
इस सीट से भाजपा की टिकट का दो को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। राव इंद्रजीत के आने से उनका चुनाव लड़ना असंभव माना जा रहा है।
कई बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके राव इंद्रजीत को भाजपा यहां से जरूर चुनाव लड़ाना चाहेगी।
चौंकाने वाला कुछ नहीं
आफताब अहमद (परिवहन मंत्री हरियाणा)
राव इंद्रजीत सिंह के भाजपा में जाने से पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका भाजपा में जाना कोई चौंकाने वाली खबर नहीं है। पहले से वह इसमें लगे हुए थे। हरियाणा में कांग्रेस काफी मजबूत है। किसी के जाने से पार्टी के दमखम पर कोई असर नहीं होगा। अगर कोई ऐसा सोच रहा है तो वह गलत है।
देर से लिया फैसला
गोपीचंद गहलोत (पूर्व डिप्टी स्पीकर)
राव इंद्रजीत सिंह को पहले ही यह निर्णय ले लेना चाहिए था। पांच राज्यों के चुनाव से यह तय हो गया है कि कांग्रेस के खिलाफ देशभर में हवा है। राव इंद्रजीत सिंह का भाजपा में आना यही सिद्ध करता है।
फैसले से कार्यकर्ता खुश
जीएल शर्मा (इंसाफ मंच)
कार्यकर्ताओं ने राव इंद्रजीत सिंह को पूरा अधिकार दे रखा था कि वह किसी भी प्रकार का निर्णय ले सकते हैं। उनके भाजपा में जाने के निर्णय से हर कार्यकर्ता खुश है। सांसद बुधवार को खुद इसका खुलासा गुड़गांव में करेंगे।
पार्टी को मजबूती मिलेगी
सुधा यादव (राष्ट्रीय महासचिव भाजपा)
राव इंद्रजीत के भाजपा में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। मैं इस बात से कतई सहमत नहीं हूं कि उनके आने से पार्टी के अंदर मतभेद है। सभी ने उनका स्वागत किया है। वैसे भी पार्टी में लोग आते और जाते रहते हैं।