कनीना के डीएवी इंजीनियरिंग कॉलेज में हुई रिवासा निवासी छात्र नीरज (24) की हत्या उसकी ही मंगेतर ने अपने प्रेमी से करवाई थी।
पुलिस
ने इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी युवती गांव उष्मापुर निवासी आरती को
गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को वीरवार को महेंद्रगढ़ अदालत में पेश किया
गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस हत्याकांड को
अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी फैजाबाद निवासी दिनेश कुमार पुत्र सुरेश कुमार
अभी फरार है।
महेंद्रगढ़ के उष्मापुर निवासी आरती ने पुलिस
को बताया कि फरीदाबाद के किसी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे
दिनेश कुमार के साथ कुछ माह पूर्व उसके रिश्ते की बात चली थी, लेकिन किसी
कारण से दिनेश से उसका रिश्ता न होकर नीरज से हो गया। इसी 27 नवंबर को उनकी
शादी होनी थी। इसके बावजूद दिनेश से उसका संपर्क बराबर बना हुआ था। इसी
कारण उसने और दिनेश ने मिलकर नीरज को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
13
अक्तूबर की रात आरती ने नीरज से फोन पर बात कर उसकी लोकेशन समझी और कनीना
में मौजूद अपने प्रेमी दिनेश को दूसरे फोन से बता दिया। दिनेश ने डीएवी
इंजीनियरिंग कालेज के हॉस्टल के गेट पर थर्ड ईयर स्टूडेंट नीरज को चाकुओं
से गोद दिया।
एक सप्ताह पहले भी रची थी साजिश
आरती
ने बताया कि उसके मंगेतर नीरज की हत्या एक सप्ताह पहले ही की जानी थी।
दिनेश छह अक्तूबर को ही नीरज को ठिकाने लगाने कनीना आया था। यह नीरज का
सौभाग्य था कि वह छह अक्तूबर को कनीना में नहीं था।
फोन कॉल से सुलझा मामला
इस
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में देरी होने पर डीएवी कालेज के छात्रों ने
नगर में कैंडल मार्च भी निकाला था। पुलिस ने मृतक छात्र के मोबाइल,
कंप्यूटर और अन्य सामान को जब खंगालना शुरू किया तो हत्याकांड पर पड़ा
पर्दा धीरे-धीरे उठता चला गया। मृतक छात्र ने अंतिम कॉल अपनी मंगेतर आरती
से की थी। उसके बाद उसके मोबाइल पर न तो किसी का फोन आया और न ही मृतक ने
किसी को किया। जब पुलिस ने अंतिम कॉल नंबर की छानबीन आरंभ की तो हत्याकांड
की उलझी गुत्थी सुलझती ही चली गई।