भूना। ढाणी गोपाल, सिंथला व जांडली गांव के फीडरों की बिजली सप्लाई से संबंधित निजी एजेंसी को टेंडर दिए जाने के खिलाफ ग्रामीणों की रविवार की सुबह गांव के सार्वजनिक स्थल पर एक महापंचायत हुई। महापंचायत में ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि ढाणी गोपाल की बिजली सप्लाई का निजीकरण किया गया, तो ठेकेदार को गांव में नहीं घुसने देंगे और अधिकारियों को बंधक बनाएंगे।
महापंचायत में बिजली निगम व सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया तो ग्रामीण बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने में भी पीछे नहीं हटेंगे और किसी प्रकार की जनहानि होने पर सरकार व निगम जिम्मेदार होगा। महापंचायत में ढाणी गोपाल के सरपंच प्रतिनिधि रामकुमार गोदारा, नंबरदार जगदीश चंद्र फगेडिया, पंचायत सदस्य शंकरलाल, अशोक कुमार, रामनिवास, रामभगत ढाका, हवा सिंह, शेर सिंह, प्रेम कुमार, विजय सिंह, सुरेश बुरडक, कृष्ण कुमार, संजय कुमार, बलबीर सिंह, बलजिंदर सिंह, राय सिंह, सुरेंद्र कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने ढाणी गोपाल फीडर का निजीकरण करके प्राइवेट व्यक्ति को देने के लिए टेंडर लग रहा है। जिसमें सरकार की जवाबदेही नहीं रहेगी और ठेकेदार अपनी मनमानी करेंगे। फीडर को ठेकेदारी प्रथा के हवाले करने के बाद गांव का माहौल खराब हो जाएगा। क्योंकि ठेकेदार छोटी-छोटी बातों को लेकर बिजली उपभोक्ताओं के साथ लड़ाई-झगड़े पर उतर आते हैं। इसलिए गांव की बिजली सप्लाई का निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीण बोले- निजीकरण से उपभोक्ताओं के लिए बड़ा नुकसान
महापंचायत में ग्रामीणों ने बताया कि बिजली निगम की ढाणी गोपाल बिजली सप्लाई टेंडर के माध्यम से निजी हाथों में जाती है तो इससे उपभोक्ताओं को बड़ा नुकसान होगा। अभी बिल की शिकायत होने पर एसडीओ स्तर पर सुनवाई होती है। सरकारी कर्मचारी में निलंबन, वेतन वृद्धि रोकने, ट्रांसफर होने का डर रहता है, लेकिन निजीकरण में उपभोक्ता परेशान होगा। ठेकेदार मनमाने बिल भेजेगा तो सुधारने में दिक्कत होगी। बिजली सप्लाई में दिक्कत आती है तो सरकारी स्तर पर हाथों हाथ व्यवस्था करने के संसाधन होते हैं। परंतु ठेकेदारी प्रथा में ऐसा नहीं होगा। ग्रामीणों ने बताया कि बिल वसूली भी सख्ती से होगी और रिकवरी एजेंसी तक को इस काम के लिए लगाया जा सकता है। ठेकेदार द्वारा ऐसा करने पर गांव में तनावपूर्ण स्थिति होगी और लड़ाई-झगड़े के भी मामले भी बढ़ेंगे।
जांडली कलां व सिंथला और ढाणी गोपाल फीडर का निजी कंपनी को दिया गया है टेंडर : एसडीओ
बिजली निगम के उप मंडल अधिकारी जोजो तनेजा ने बताया कि जांडली कलां आरडीएस व सिंथला आरडीएस और ढाणी गोपाल फीडर का निजीकरण किया गया है। जिसका टेंडर हिसार की एक कंपनी ने लिया है। उपरोक्त कंपनी तीनों फीडरों के सात गांवों में घर-घर जाकर बिजली मीटरों की चेकिंग करेगी और मरम्मत का कार्य संभालेगी। एसडीओ ने कहा कि उपरोक्त फीडर पर बिजली निगम को 60 प्रतिशत नुकसान हो रहा है और मात्र 40 प्रतिशत फायदा मिल रहा है। इसलिए जांडली आरडीएस पर जांडलीकला, खजूरी जाटी, बालनवाली, चंद्रावल व सिंथला आरडीएस पर टिब्बी और सिंथला व ढाणी गोपाल की बिजली सप्लाई की देखरेख और मरम्मत का कार्य प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। एसडीओ ने बताया कि ढाणी गोपाल व जांडली तथा सिंथला फीडर पर बिजली की खपत अधिक हो रही है और निगम को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए बिजली सप्लाई को दुरुस्त करने व बिजली चोरी रोकने के प्राइवेट कंपनी को टेंडर दिया गया है।