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संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानी और रोजगार की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

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फतेहाबाद में अपनी मांगों व मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। मुआवजे के बाकी बचे पैसे वापस नहीं भेजे जाएंगे और एक-एक किसान को गांव में मुनादी करवाकर संबंधित अधिकारी वहां पहुंचकर मुआवजा बांटने का काम करेंगे और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आश्वासन डीसी प्रदीप कुमार ने मंगलवार को किसान संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में दिया।
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संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जिले के तमाम किसान संगठन मंगलवार को नई सब्जी मंडी में एकजुट हुए। वहां से प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए किसानों ने डीसी दफ्तर की तरफ रुख किया और वहां करीब दो घंटे तक धरना दिया। इसके बाद डीसी से संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों की तमाम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रदर्शन के अध्यक्ष मंडल में रामस्वरूप ढाणी गोपाल, बंसी सिहाग, रविंदर हिजरावां, लाभ सिंह (नैन ग्रुप) व हंसराज सिवाच बीकेयू रहे। बैठक में विष्णु दत्त शर्मा, सुरेश गढ़वाल, सुभाष कंबोज, मलकीत सिंह फौजी, बेगराज प्रधान, रामकुमार बहबलपुरिया, योगेंद्र भूथन, धर्मपाल फुलां, कल्याण सिंह, करमजीत सालम खेड़ा, जगबीर सिंह तूर, सुरेंद्र गोरखपुर, धर्मपाल कुम्हारिया, शाहनवाज एडवोकेट सहित कई संगठनों से लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शन की मुख्य मांगों में अधिक तापमान के कारण गेहूं के घटे हुए उत्पादन पर नुकसान भरपाई, पिछले तीन-चार दिनों में हुई बारिश के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि और तूफान से नरमा, कपास, गन्ना, सब्जियों, हरा चारा आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ है, इन तमाम गांवों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर तुरंत मुआवजा और बीमा क्लेम जारी करवाना रही। पिछले खरीफ फसल का मुआवजा जिन किसानों को अभी नहीं मिला है, उन्हें तुरंत मुआवजा जारी किया जाए। प्रशासन की खुद की रिपोर्ट है कि 21 करोड़ जो मुआवजे के आए हुए हैं, अभी किसानों में बांटे नहीं गए हैं। खरीफ के सीजन में बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से की जाए। लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन तुरंत दिए जाएं और खेतों में बिजली लाइनों का पूरा मुआवजा मिले।
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डीसी ने किसानों को इन बातों पर दिया आश्वासन
किसान नेताओं ने बताया कि इन तमाम मुद्दों पर डीसी ने कहा कि मुआवजे के बाकी बचे पैसे वापस बिल्कुल नहीं भेजे जाएंगे और एक-एक किसान को गांव में मुनादी करवाकर संबंधित अधिकारी वहां पहुंचकर मुआवजा बांटने का काम करेंगे। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ओलावृष्टि और तूफान से हुए नुकसान के तमाम इलाके की स्पेशल गिरदावरी करवाकर रिपोर्ट बनाकर मुआवजा व बीमा क्लेम के लिए भेजने की बात कही। भविष्य में किसानों से संबंधित गांव में कोई भी रिपोर्ट मुआवजा आदि की बनाते समय गांव के किसान मोर्चा के सक्रिय लोगों से अधिकारी संपर्क करेंगे। कोई भी रिपोर्ट एकतरफा तैयार नहीं होगी। बीमा संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए बीमा कंपनियों का एक अधिकारी जिला कृषि अधिकारी के दफ्तर में मौजूद रहेगा।
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