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बुवान में रातोंरात डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर दो पक्ष हुए आमने-सामने

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ग्रामीणों के साथ बातचीत करते डीआरओ प्रमोद चहल व अन्य अधिकारी। - फोटो : Fatehabad
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भूना। गांव बुवान के पंचायत घर में रातोंरात डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर बवाल हो गया। मंगलवार दोपहर बाद प्रशासनिक अधिकारी एवं भारी पुलिस बल के साथ थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विवादास्पद स्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों से कई घंटों वार्तालाप की। देर शाम तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। इसलिए दोनों पक्षों से बुधवार 12 बजे तक गांव में शांति एवं भाईचारा बनाए रखने का प्रशासनिक अधिकारियों ने आग्रह किया। घटनाक्रम को लेकर डीआरओ प्रमोद चहल, तहसीलदार विजय कुमार, नायब तहसीलदार विकास कुमार, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुंडू व थानाध्यक्ष कपिल सिहाग ने डीसी को पूरी रिपोर्ट देने के बाद फैसला लेने का भरोसा दिलाया। हालांकि, सैकड़ों की संख्या में युवा हाथोंहाथ प्रतिमा को पंचायत घर से हटाने के लिए जिद पर अड़े हुए थे। मगर पंचायती लोगों एवं बुजुर्गों ने उन्हें शांत किया और प्रशासनिक अधिकारियों को बुधवार तक का समय दिया।
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गांव बुवान के निवर्तमान सरपंच हीरालाल, पूर्व सरपंच सरजीत सिंह, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि दलबीर सिंह, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, प्रधान बलदेव सिंह, पूर्व सरपंच जोगिंदर सिंह, धर्मपाल शर्मा आदि ने बताया कि गांव की आबादी के बीच तीन कनाल से अधिक भूमि में पंचायत घर बना हुआ है। यहां आंगनबाड़ी सहित दो सरकारी विभागीय कार्यालय चल रहे हैं। मगर 15 अगस्त की रात को करीब दो बजे आधा दर्जन लोगों ने मिलकर बिना प्रशासनिक अनुमति के पंचायत घर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। जब 16 अगस्त को ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो काफी विवाद हुआ। डीसी फतेहाबाद व पंचायत अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी गई। शिकायतकर्ताओं ने विशेष समुदाय के लोगों पर सार्वजनिक रूप से काम आने वाली पंचायत घर की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों द्वारा पंचायती चुनाव से पहले जातीय रंग देकर गांव का भाईचारा बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। उपरोक्त समुदाय की चौपाल बनी हुई है, वहां प्रतिमा लगानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने कहा कि संविधान निर्माता किसी जाति या वर्ग विशेष के नेता नहीं थे। मगर रात्रि के समय उनकी प्रतिमा पंचायत घर में अवैध तरीके से लगाकर बेअदबी की गई है। इस घटनाक्रम में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
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रविदास मंदिर के सामने पंचायत घर नशेड़ियों का था ठिकाना, इसलिए लगाई प्रतिमा
वहीं, विशेष समुदाय के बलविंदर सिंह, राजपाल सिंह, संदीप कुमार, बलदेव सिंह, छिंदा राम, मदनलाल, हरजिंदर सिंह आदि ने बताया कि संत रविदास मंदिर के सामने पंचायत घर नशेड़ियों का ठिकाना बना हुआ था। गंदगी के ढेर लगे हुए थे और उनकी भावनाएं आहत हो रही थी। उन्होंने पंचायत घर की सफाई करवाकर संविधान निर्माता की प्रतिमा लगाकर कोई गुनाह नहीं किया। पूरे समाज के लोगों को एकत्रित करके आगामी फैसला लिया जाएगा।
कानून हाथ में लिया तो होगी कार्रवाई- एसएसओ
दोनों ही पक्ष के लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई है। जब तक प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर फैसला नहीं आता, तब तक गांव में कानून व्यवस्था बनाकर रखें। अगर किसी भी व्यक्ति ने गांव का माहौल एवं भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कपिल सिहाग, प्रभारी, भूना थाना
डीसी के आदेशों के आधार पर करेंगे कार्रवाई : डीआरओ
दोनों पक्षों के तर्क लेकर रिपोर्ट डीसी को भेजेंगे। उनके जो आदेश होंगे, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद चहल, डीआरओ, फतेहाबाद
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