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ये दाग हटेंगे, तभी सफाई के नंबर बढ़ेंगे

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नप कार्यालय का सार्वजनिक शौचालय जिसका दरवाजा टूटा हुआ है। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत मार्च माह में स्वच्छता सर्वेक्षण होने वाला है। लेकिन इस बार सफाई व्यवस्था को लेकर इतने दाग हैं कि बेहतर अंक मिलने की उम्मीद नहीं है। अफसर खुद स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर एक माह का भी समय नहीं बचा है और शहर की सफाई और शौचालयों की व्यवस्था ऐसी है कि सर्वेक्षण करने वाले को भी नंबर देते हुए शर्म महसूस होगी। नप अधिकारी खुद के कार्यालय में बने सार्वजनिक शौचालय पर गेट तक नहीं लगवा पा रहे हैं, यहां तक कि यूरिन प्वाइंट तक गायब है।
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शहर में 17 सार्वजनिक शौचालय है, जानकर हैरानी होगी कि इनकी पिछले करीब 10 माह से सफाई तक नहीं हुई है। ये ही नहीं शहर की सफाई व्यवस्था भी अच्छी नहीं है। मुख्य चौक पर डस्टबिन तक नहीं है। यहां से कचरा भी दोपहर 12 बजे से पहले नहीं उठ पाता है। नगर परिषद कार्यालय में सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। इसका प्रयोग नप कार्यालय के कर्मचारियों के अलावा मोबाइल मार्केट, फव्वारा चौक के आसपास के दुकानदार करते है। यहां शौचालय का गेट पिछले करीब चार माह टूटा हुआ है, इसके अलावा यूरिन प्वाइंट भी गायब हैं और टूंटी तक नहीं है। संवाद
पुराना बस स्टैंड : आधुनिक शौचालय लेकिन अंदर शराब की बोतलें
शहर के पुराना बस स्टैंड पर नगर परिषद की तरफ से आधुनिक शौचालय करीब पांच साल पहले बनाया गया था। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि इसकी 10 माह से सफाई नहीं हुई है। यूरिन प्वाइंट पूरी तरह से तोड़कर अंदर ही फेंक रखे हैं और वाशबेसिन में शराब की बोतलें है। एल्यूमीनियम के दरवाजे टूटे हुए हैं। कुछ ऐसे ही हालात शहर के अन्य शौचालयों के हैं। शिवालय मार्केट में बने शौचालय के गेट ताला लगाया हुआ है जो कि पांच सालों से खोला ही नहीं गया है।
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50 हजार से 1 लाख जनसंख्या वाले शहर में स्थान
शहर 2020 में देश में रहा स्थान 2021 में देश में रहा स्थान
टोहाना 26 60
फतेहाबाद 27 30
25 हजार से 50 हजार जनसंख्या वाले शहर में स्थान
शहर 2020 में देश में रहा स्थान 2021 में देश में रहा स्थान
भूना 105 178
रतिया 137 130
जाखल ----- 552
पिछले चार सालों के स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम
शहर 2021 2020 2019 2018
फतेहाबाद 30 27 177 191
टोहाना 60 26 329 289
भूना 178 105 399 172
रतिया 130 137 984 572
जाखल 552 --- -- ---
शहर से रोजाना ये निकलता है कचरा
शहर टन
फतेहाबाद 41
टोहाना 30
रतिया 20
भूना 10
सफाई पर हर माह 50 लाख का खर्च, इनपुट शून्य
नगर परिषद सफाई व्यवस्था पर हर माह करीब 50 लाख रुपये खर्च कर रहा है। 32 लाख रुपये कर्मचारियों की सैलरी पर खर्च हो रहा है। 5 लाख रुपये नाइट स्वीपिंग पर खर्चा आ रहा है। 2 लाख रुपये टाटा एस गाड़ियों के तेल पर खर्च हो रहे है। इसके अलावा करीब 4 से 5 लाख रुपये सफाई व्यवस्था पर अन्य खर्च हो रहे हैं।
मुख्य चौकों पर डस्टबिन तक नहीं, दोपहर तक उठ रहा कचरा
शहर के मुख्य चौकों पर डस्टबिन तक नहीं है। हालात ये हैं कि नप के कर्मचारी दोपहर 12 बजे तक यहां से कचरा उठा रहे है। नप के पास 120 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं और इसके अलावा 36 रेगुलर हैं। डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए नप में 13 टाटा ऐस गाड़ियां हैं जबकि शहर में वार्ड की संख्या 27 हो चुकी हैं।
कोट
शौचालयों की सफाई न होने का मामला संज्ञान में है, एक या दो दिन में व्यवस्था ठीक कर दी जाएगी। प्लानिंग की जा रही है। शौचालयों में अभियान चलाकर सफाई करवाई जाएगी।
-मुकेश शर्मा, सीएसआई, नगर परिषद
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7500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण : इंचार्ज
स्वच्छता सर्वेक्षण मार्च माह में होना है, इसको लेकर तैयारियां चल रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण 7500 अंकों की होगी। सफाई व्यवस्था को लेकर सभी टीमें काम कर रही है।
-कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन
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स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर हम गंभीर है। जहां तक शौचालयों की सफाई की बात है, इनकी सफाई करवाई जाएगी।
-अजय चोपड़ा, जिला नगर आयुक्त

फतेहाबाद में पुराना बस स्टैंड के शौचालय में टूटे यूरिन प्वाइंट और पानी की टूंटी।- फोटो : Fatehabad

फतेहाबाद में नए बस स्टैंड के पास दोपहर एक बजे पड़ा कचरा।- फोटो : Fatehabad

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