फतेहाबाद। स्थानीय नगर निकाय विभाग द्वारा रात को लोगों के मोबाइल पर पहुंचे मैसेज ने नींद उड़ा दी। लोगों के मोबाइल पर मैसेज पहुंचा कि उनका प्रॉपर्टी टैक्स और विकास शुल्क के लाखों रुपये बकाया है। लोगों के मोबाइल पर 30 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया का मैसेज आया। इसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया, क्योंकि उनके अनुसार कुछ भी बकाया नहीं है।
नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार सुबह लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया और मैसेज को लेकर हंगामा किया। अधिकारियों के पास पहुंचे तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। आखिर में नप ईओ ऋषिकेश चौधरी ने यह कहकर पल्ला झाड़ा कि अगर लोगों ने प्रॉपर्टी टैक्स भर रखा है और कोई बकाया नहीं है तो मैसेज को इग्नोर करें। मामले के मुताबिक हाल ही में याशी कंपनी की तरफ से लोगों को प्री असेसमेंट नोटिस दिए जा रहे हैं, नोटिस में गलतियों को लेकर पहले ही विवाद चल रहा है। लोग आपत्तियों को लेकर नप में पहुंच रहे हैं। इसी बीच वीरवार रात को करीब एक बजे लोगों के मोबाइल पर मैसेज आने लगे कि उनका प्रॉपर्टी टैक्स 30 हजार से 7 लाख रुपये तक बकाया है। जिसने रात को मैसेज देखा उसकी नींद उड़ गई, इसके अलावा कई लोगों ने सुबह पढ़ा तो खलबली मच गई। नप कार्यालय सुबह 9 बजे खुला तो लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। मैसेज के बारे में प्रॉपर्टी टैक्स कर्मचारियों से पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए। लोगों ने नप कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया और कहा कि वह रूटीन में टैक्स भर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके लाखों रुपये बकाया के मैसेज भेजे जा रहे हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर ये है स्थिति
शहर के कुल यूनिट : 27 हजार
खाली प्लॉट : 7 हजार
नोटिस जारी हुए : 17 हजार यूनिट को
आपत्तियां पहुंची : 780
कुल प्रॉपर्टी टैक्स बकाया : 31 करोड़ रुपये
शहर में प्रॉपर्टी टैक्स बकाया : 15.50 करोड़
सरकारी भवनों का बकाया : 15.40 करोड़ रुपये
जानिए क्या बोले लोग :
प्रॉपर्टी टैक्स रूटीन में भर रहे हैं और कोई बकाया नहीं है। लेकिन रात को मैसेज आया कि करीब 1 लाख 78 हजार रुपये बकाया है। सुबह नप कार्यालय में आए तो कोई जवाब नहीं दे रहा है।
-हरीराम शर्मा, शहर निवासी
यूएलबी की तरफ से मैसेज आया कि उनका 67 हजार रुपये बकाया है। जबकि उनका कोई बकाया नहीं है। यहां चक्कर काटने के बाद जवाब मिला कि भर रखा है तो इग्नोर करें।
-जितेंद्र कुमार, शहर निवासी
प्रॉपर्टी टैक्स हमारा बकाया नहीं है और सुबह मैसेज देखा कि लाखों रुपये बकाया है। नप कार्यालय में आकर पूछा तो अफसर ढंग से जवाब भी नहीं दे पाए।
-मधुर मेहता, शहर निवासी
कोट
याशी कंपनी ने तो 2020 में सर्वे किया है। कंपनी की तरफ से कोई मैसेज नहीं भेजे गए है। यूएलबी की तरफ से ही ये मैसेज जारी हुए है।
-कौशल सरदाना, सुपरवाइजर, याशी कंपनी
मुख्यालय स्तर पर याशी कंपनी द्वारा सर्वे 2016-17 में किया गया था, उस दौरान ड्यूज थे, उसके मैसेज गए हैं। अगर किसी ने टैक्स भरा हुआ है तो वह इसे इग्नोर करें, चिंता न करें। आवेदन घबराएं नहीं। इसके अलावा जो नोटिस मिल रहे हैं और उसमें कोई गलती है तो याशी कंपनी के कर्मचारी से ठीक करवा सकते हैं।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद