फतेहाबाद/रतिया। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के दूसरे चायत मंंत्री पद से इस्तीफे के बाद रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा के मंत्री बनने की आस जगी थी। नापा की दावेदारी का सबसे बड़ा कारण यह माना जा रहा था कि सिरसा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली नौ विधानसभाओं में भाजपा से अकेले लक्ष्मण नापा ही एससी समाज से विधायक हैं।
यह संसदीय क्षेत्र भी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। मंगलवार को दिनभर लक्ष्मण नापा के मंत्री पद की शपथ लेने की चर्चाएं चलती रहीं। काफी समर्थकों ने विधायक लक्ष्मण नापा को बधाइयां भी दे दी। मगर जैसे ही मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ तो जिले की यह आस भी टूट गई। बता दें कि जिले में फतेहाबाद, रतिया व टोहाना तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से फतेहाबाद से दुड़ाराम व रतिया से लक्ष्मण नापा भाजपा के विधायक हैं जबकि टोहाना से देवेंद्र बबली जजपा विधायक हैं। 28 दिसंबर 2021 को देवेंद्र बबली को भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार में पंचायत मंत्री बनाया गया था।
भाजपा के पहले पांच साल के कार्यकाल में भी मंत्री पद को तरसा था जिला
इससे पहले भाजपा सरकार के पहले पांच साल के कार्यकाल में भी जिला मंत्री पद के लिए तरसा था। 2014 में जिले में भाजपा को सिर्फ एक सीट मिली थी। उस समय टोहाना से भाजपा के सुभाष बराला विधायक बने थे। हालांकि, बराला के पास प्रदेशाध्यक्ष का पद रहा था। उस कार्यकाल में रतिया से इनेलो के रविंद्र बलियाला और फतेहाबाद से इनेलो के ही बलवान सिंह दौलतपुरिया विधायक बने थे।