बुवान के ग्रामीणों को समझाते डीएसपी अजायब सिंह।
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गांव बुवान के पंचायत घर में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर मूर्ति के साथ प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे निर्माण कार्य में रुकावट पैदा हो गई है। पंचायत घर के सुंदरीकरण करने के साथ-साथ नेता सुभाष चंद्र बोस व लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा भी स्थापित की जानी थी। परंतु डीसी की मौजूदगी में हुए समझौते को डॉ. भीमराव की मूर्ति लगाने वाले पक्ष के लोगों ने अब मानने से इनकार कर दिया है।
उपरोक्त लोग पंचायत घर का एक ही प्रवेशद्वार रखने पर अडिग हैं। जबकि प्रशासनिक अधिकारी भीमराव अंबेडकर व नेता सुभाष चंद्र बोस तथा लाल बहादुर शास्त्री के मूर्ति स्थल को स्मारक का रूप देकर अलग-अलग गेट बनाना चाहते हैं। पंचायत घर में कई सार्वजनिक कार्यक्रम होते हैं। इसलिए तीनों प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन रास्ते ही अलग बनाना चाहता है ताकि विवाद दोबारा न हो। कुछ दिन पहले दोनों पक्षों के बीच डीसी व एसपी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुए समझौते में भी अलग-अलग दो गेट रखे जाने पर सहमति बनी थी। इसको लेकर सर्व समाज के लोगों ने विवाद निपटाकर आपसी भाईचारा कायम करने की दिशा में कदम बढ़ाया था। मगर डॉ. भीमराव की मूर्ति लगाने वाले पक्ष ने अब प्रशासन की उपरोक्त शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसी कोई बात ही नहीं हुई थी कि गेट दो रखे जाएंगे। बुधवार को पुन: दोनों ही पक्षों के लोग एक-दूसरे के विरोध में उतर आए हैं। सूचना मिलते ही डीएसपी अजायब सिंह व थानाध्यक्ष कपिल कुमार सिहाग दलबल सहित तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों ही पक्ष के लोगों को अलग-अलग बिठाकर शांति एवं भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया।
एसडीएम राजेश कुमार भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों ही पक्ष के लोगों को शांत करने की कोशिश की। मगर प्रदर्शनकारी एसडीएम की बात को सुनने को तैयार नहीं हुए। हालांकि पंचायत घर में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति सीआरपीएफ व पुलिस जवानों ने थ्री लेयर बैरिकेडिंग करके कड़ी सुरक्षा की हुई है। फिलहाल तनाव दोबारा पैदा हो गया है और प्रशासन दोनों पक्षों को सुलझाने में लगा है। डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से बात चल रही है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है।