फतेहाबाद। ई-टेंडरिंग के खिलाफ सरपंचों और सरकार के बीच गतिरोध थमने की बजाय बढ़ने लगा है। 29 जनवरी को सोनीपत जिले के गोहाना में हो रही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली में भी सरपंच विरोध जताने की तैयारी में हैं। इसके लिए गोपनीय रूप से मंत्रणा चल रही है। गृहमंत्री की रैली से पहले 23 जनवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के टोहाना हलके के गांव बिढाईखेड़ा में आगमन के दौरान भी सरपंच अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश स्तर पर सरपंच एसोसिएशन का गठन करने के बाद जिला स्तर पर इकाइयां गठित करने का दौर शुरू हो गया है ताकि विरोध को मजबूती दी जा सके। संवाद
पंचायत मंत्री के खिलाफ उन्हीं के गृह जिले में तेज हो रहा विरोध
ई-टेंडरिंग और पंचायती राज एक्ट को लेकर पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के गृह जिले फतेहाबाद में विरोध तेज होने लगा है। प्रदेश स्तरीय सरपंच एसोसिएशन की बागडोर भी खुद उन्हीं के गृह क्षेत्र टोहाना के सबसे बड़े गांव समैन के सरपंच रणबीर गिल संभाल रहे हैं। सरपंचों ने इस मुद्दे पर पंचायत मंत्री से तो वार्ता करने से भी इंकार कर दिया है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा किसी से वार्ता नहीं करेंगे।
विरोध के तरीके को नहीं कर रहे सार्वजनिक, गुपचुप बन रही रणनीति
हालांकि, सरपंच एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विरोध के तरीके को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। गुपचुप तरीके से रणनीति बनाई जा रही है।
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गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के विरोध को लेकर अभी फाइनल नहीं हुआ है। इस विषय में बैठक करके अन्य साथियों के साथ चर्चा की जाएगी और फिर विरोध का तरीका तय होगा।
- चंद्रमोहन पोटलिया, प्रदेश प्रवक्ता, सरपंच एसोसिएशन हरियाणा