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Fatehabad News: जीएसटी चोरी मामले में तीन दोषियों को सात साल की सजा

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फतेहाबाद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप की अदालत ने बोगस फर्म बनाकर बिना सेल-परचेज किए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के दोषी उकलाना निवासी डेविड मसीह, गुरुग्राम निवासी सौभाग्य और उसके पिता संत कुमार को धारा 468, 471, के तहत सात वर्ष की कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं इन लोगों को फर्जी फर्म बनाने के लिए रेंट एग्रीमेंट करने वाले भूना निवासी कमल बंसल को धारा 420, 120 बी के तहत 2 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सुजा सुनाई है। फतेहाबाद में बोगस फर्म बनाकर सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के दोषियों को सजा देने का पहला मामला बताया जा रहा है।
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स्टेट जीएसटी अधिकारी भूषण कुमार ने उपरोक्त लोगों के विरुद्ध भूना थाने में मामला दर्ज करवाया था। शिकायत में कहा गया था कि उक्त लोगों ने 3 अगस्त 2018 को बंसल कॉम्प्लेक्स उकलाना रोड भूना में मै. पैराडाइज इंटरनेशनल के नाम से फर्जी फर्म बनाई लेकिन जब जांच हुई तो उक्त पते पर कोई फर्म नही पाई गई। जांच में सामने आया कि फर्म का बिजनेस तो स्क्रैप पेपर और पेपर बोर्ड का दिखाया गया था। जांच में सामने आया है कि पंजीकरण में दिए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर चार और फर्में भी रजिस्टर्ड हैं।
पैराडाइज इंटरनेशनल ने काली मिर्च, चना, सीमेंट, मूंगफली तेल आदि की सेल परचेज दिखाई, जबकि यह फर्म इस काम के लिए रजिस्टर्ड नहीं थी। जांच में सामान सप्लाई के लिए कोई ट्रांसपोर्ट बिल बरामद नहीं हुआ। जिससे साफ था कि यह सिर्फ कागजों में सेल-परचेज हुई है। रजिस्ट्रेशन में दिया गया पता, फोन नंबर और ई-मेल आईडी दरिया एग्रो इंडस्ट्री, डीएम ट्रेडर्स, महाबीर इंटर प्राइजिज में सेम था। दोषी डेविड मसीह ने एक से दूसरी फर्म में सेल परचेज दिखाकर जीएसटी की चोरी की। उसने एक करोड़ 28 लाख 82 हजार 326 रुपये बोगस आईटीसी का क्लेम प्राप्त कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया। अदालत ने रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर सरकार को नुकसान पहुंचाने पर दोषियों को 7 साल की सजा सुनाई है। वहीं फर्जी रेंटल एग्रीमेंट करने पर कमल बंसल को 2 साल की सजा सुनाई है।
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