फतेहाबाद। कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए स्वास्थ्यकर्मियों को हटाने के बाद नागरिक अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ गई है। अस्पताल के फ्लू क्लीनिक में कोरोना सैंपलिंग बंद हो गई है। सैंपल लेने के लिए फ्लू क्लीनिक में कर्मचारी ही नहीं है। ओपीडी में आने वाले मरीजों के कोरोना सैंपल भी बंद कर दिए गए हैं। यहां तक कि पुलिस को भी पकड़े गए आरोपियों के कोरोना सैंपल करवाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। पुलिस को पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश करने और जेल भेजे जाने से पहले कोरोना सैंपल लेने होते है, लेकिन उसके लिए भी अस्थायी रूप से कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है।
शनिवार को शहर पुलिस की टीम पकड़े गए आरोपियों के कोरोना सैंपल करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंची, लेकिन यहां पर टीम करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। फ्लू क्लीनिक में कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। अधिकारियों को फोन करने के बाद कोरोना सैंपल लिए गए। जिले में 71 स्वास्थ्य कर्मचारी हटाए गए है। इसमें स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन आदि शामिल है।
अनट्रेंड कर्मचारी ले रहे सैंपल
फ्लू क्लीनिक में लगे कर्मचारियों को हटाने के बाद यहां व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। फ्लू क्लीनिक खाली हो गई है। इमरजेंसी सैंपल के लिए अधिकारी कर्मचारियों को भेज रहे है। यहां पर अनट्रेंड कर्मचारी सैंपल ले रहे है।
आरटीपीसीआर लैब बंद, दूसरे जिलों ने भी लेने से किया मना
कोविड कर्मचारियों को हटाने से बड़ोपल में शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब भी बंद हो गई है। यहां पर सैंपलों की जांच करने के लिए कर्मचारी ही नहीं है। अधिकारी सिरसा, अग्रोहा, अंबाला जिले की आरटीपीसीआर लैब में सैंपल लेने के लिए फोन कर रहे है, लेकिन यहां पर भी लेने से मना कर दिया गया है।
कोरोना बुलेटिन भी हुआ बंद
कोरोना महामारी को लेकर जिले में लिए जाने वाले रोजान सैंपल, पॉजिटव केस और टीकाकरण को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाती है, लेकिन कर्मचारी न होने के कारण कोरोना बुलेटिन भी तैयार नहीं हो रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति
जिले में अब तक लिए गए सैंपल 397682
कोरोना संक्रमित मिले 20009
स्वस्थ हुए कोरोना संक्रमित 19507
कोरोना संक्रमितों की हुई मौत 501
कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर शुरू किया धरना
कोविड अनुबंधित कर्मचारियों हटाने के बाद नागरिक अस्पताल के बाहर धरना शुरू हो गया है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा के नेतृत्व में नागरिक अस्पताल के बाहर दूसरे दिन धरना दिया गया। इन कर्मचारी ने नारेबाजी कर रोष जताया वहीं स्वास्थ्य विभाग में उनकी सेवाओं को जारी रखने और नेशनल हेल्थ मिशन में शामिल करने की भी मांग की। धरने की अध्यक्षता जिला कोविड आउटसोर्सिंग प्रभारी प्रदीप गोदारा ने की। धरने को संबोधित करते हुए विपिन शर्मा ने कहा प्रदेश में जब कोरोना की लहर पूरी पीक पर थी, तब इन कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं शुरू करते हुए दिन-रात कड़ी मेहनत की जिसके चलते कोरोना पर काबू करने में विभाग को सफलता मिली। कोविड आउटसार्सिंग प्रभारी प्रदीप गोदारा ने मांग की कि युवाओं को रोजगार देने का वादा कर सत्ता में आई भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार अपने वायदे को पूरा करे। इन कर्मचारियों की सेवाओं को जारी रखते हुए इन्हें विभाग में रेगुलर किया जाए या फिर एनएचएम में शामिल किया जाए। इस अवसर पर जिला आउटसोर्सिंग कोविड सहप्रभारी आत्मनंद, फार्मेसी ऑफिसर रवि, नर्सिंग ऑफिसर महेश कुमार, लैब टैक्नीशियन अक्षय, पवन, दीपक, रमन, नीलम, कविता, सरबजीत, सुमन, नफीसा, पूनम, राधा, सोनू, रतन सिंह, अंकुश सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से कोविड कर्मचारियों के कार्यकाल बढ़ाने को लेकर आदेश नहीं आए है। कर्मचारियों को हटाने से काम प्रभावित हुआ है। इसके चलते कोरोना सैंपलिंग नहीं हो पा रही है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन