अटल जननी वाहिनी सेवा के तहत जिले को मिली सात नई एंबुलेंस पर रखे जाने वाले 21 चालकों की भर्ती विवादों में आ गई है। बुधवार को पॉलीक्लीनिक में चल रहे सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन के फार्म न लेने पर युवाओं ने हंगामा कर दिया। युवाओं ने पॉलीक्लीनिक में पहुंची सात एंबुलेंस को अंदर नहीं आने दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। युवाओं ने आरोप लगाया कि ठेकेदार के सुपरवाइजर कपिल ने दो दिन तक नागरिक अस्पताल में आवेदन जमा किए लेकिन बुधवार को उसने लेने से मना कर दिया और सिविल सर्जन कार्यालय में भेज दिया। यहां पर अधिकारियों ने चालकों की भर्ती न होने का कहकर आवेदन लेने से मना कर दिया है।
युवाओं के हंगामे को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने पुलिस बुला ली और कार्यालय के बाहर नोटिस लगा दिया कि चालकों की भर्ती नहीं निकाली है। हंगामे की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस के सामने भी युवाओं ने हंगामा किया। हंगामा कर रहे भोड़िया खेड़ा से आए मनोज कुमार, रामेश्वर, भट्टूकलां मोहन सिंह, भट्टू रोड निवासी हैप्पी, गाजूवाला निवासी जगदीश ने आरोप लगाया कि चहेतों के फार्म लिए जा चुके हैं लेकिन अब उनके आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। करीब 400 आवेदन पहले लिए जा चुके हैं। अगर भर्ती नहीं है तो पहले आवेदन क्यों लिए गए और ठेकेदार के सुपरवाइजर को किसने आवेदन लेने के लिए लगाया है। भर्ती को लेकर अभी से धांधली शुरू हो गई है।
हंगामे से पहले ये लगाया नोटिस
सिविल सर्जन कार्यालय के अधिकारियों ने हंगामे की आशंका को देखते हुए नोटिस लगा दिया। नोटिस लगाते ही आवेदन जमा करवाने आए लोग भड़क गए। पॉलीक्लीनि में लगाए गए नोटिस में लिखा गया कि एंबुलेंस पर चालक के लिए कोई भर्ती नहीं निकाली है। एंबुलेंस पर चालक की भर्ती आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से होगी। किसी भी आउटसोर्सिंग एजेंसी को चालक उपलब्ध करवाने के लिए सप्लाई ऑर्डर नहीं दिया है। किसी भी आउटसोर्सिंग एजेंसी को ऑर्डर दिया जाएगा तो नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
मास्टर डिग्री धारक भी पहुंचे
एंबुलेंस चालक पद पर भर्ती होने के लिए दसवीं पास से लेकर मास्टर डिग्री धारक भी पहुंचे। करीब 250 से 300 युवा आवेदन जमा करवाने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंचे। हंगामा कर रहे युवाओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ मजाक किया जा रहा है।
16 दिन पहले 21 चालक रखने का एनएचएम ने जारी था पत्र
नेशनल हेल्थ मिशन ने 26 जुलाई को प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी करके कहा था कि उनके यहां अटल जननी वाहिनी सेवा शुरू की जा रही है। इसके तहत नई एंबुलेंस मिल रही है और प्रत्येक पर तीन ड्राइवर रखे जाएंगे। आउटसोर्सिंग की पार्ट वन पॉलिसी के तहत ये चालक रखे जाएंगे। इसके तहत फतेहाबाद में 21 चालक रखे जाने हैं यहां पर सात एंबुलेंस अलॉट हुई हैं।
हंगामे के बीच पहुंची सात नई एंबुलेंस
नई एंबुलेंस गाड़ियां बुधवार को हंगामे के बीच ही सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। एनएचएम ने 16 दिन पहले अलॉट की थी। कार्यालय में आवेदन को लेकर हंगामा हुआ तो उस दौरान नई एंबुलेंस पहुंची। एक बार हंगामा कर रहे युवाओं ने अंदर दाखिल नहीं होने दिया लेकिन बाद में पुलिस के समझाने बाद एंबुलेंस अंदर लाई गई।
कोट
एमडी एनएचएम की तरफ से नोटिस आया था कि जिले में सात एंबुलेंस आ रही है उसके लिए 21 ड्राइवर रखे जाने हैं। लेकिन अभी तक हमारे पास ये नोटिस नहीं आया है कि चालक किस आधार पर रखे जाने हैं। लोग आवेदन लेकर आ रहे हैं लेकिन हमारे पास कोई गाइडलाइन नहीं आई है। कुछ युवकों ने हंगामा किया है और एंबुलेंस जो कि नई आई हैं उन्हें अंदर नहीं आने दिया। जब गाइडलाइन आएगी तो उस संबंध में नोटिस जारी कर दिया जाएगा। जो आवेदन ले रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।
पॉलीक्लीनिक में हंगामा कर रहे युवाओं को समझाते पुलिसकर्मी।- फोटो : Fatehabad