रतिया। रतिया में पिछले डेढ़ माह से प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार को लेकर आरोपी लोगों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर चल रहे धरने के दौरान वीरवार को सैकड़ों लोग पहुंचे। जिस कारण रतिया-बुढलाडा रोड पर एक तरफ स्टेट हाईवे पर जाम लग गया। धरने को देखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुशील मंगला व सिटी एसएचओ रुपेश चौधरी के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई थी। पुलिस द्वारा वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला गया।
धरने की अध्यक्षता निर्भय सिंह, अमन सिंह एवं गुरप्रीत गोपी द्वारा की गई, जबकि धरने में भारतीय किसान यूनियन एकता के पंजाब उपप्रधान जनक सिंह व हरियाणा प्रधान कंवलजीत सिंह पहुंचे। धरने के दौरान एसडीएम सुभाष चंद्र ने मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया कि उन्होंने इस घपले के पूर्ण रूप से जांच करके अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी है और अब उपायुक्त द्वारा पुलिस के माध्यम से ही कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद संगठनों के लोगों ने धरना उठाया साथ ही चेतावनी दी कि अगर एक मई तक भ्रष्टाचारी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया तो दोबारा धरना शुरू कर देंगे। निर्भय सिंह, अमन रतिया ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में कर्मचारियों और कुछ पार्षदों द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया था और लोगों से लाखों रुपये की रिश्वत ली गई थी। जिसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संगठन के लोगों द्वारा 17 फरवरी से नगरपालिका के गेट के आगे धरना दिया जा रहा है और उपायुक्त द्वारा भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एक महीने का समय मांगा गया था, लेकिन अब डेढ़ महीने तक किसी भी भ्रष्टाचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जिस कारण वीरवार को विशाल धरना लगाया गया और एक साइड के रोड को जाम कर दिया गया ।
हालांकि रोड जाम के निर्णय को देखते हुए बुधवार देर शाम को ही एसडीएम सुभाष चंद्र ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी थी। उपायुक्त द्वारा वीरवार सुबह ही उसे पुलिस अधीक्षक के पास भेज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। बताया गया है कि दोपहर को जब संगठन के लोगों ने रोड के दोनों तरफ जाम लगाने का घोषणा की तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। धरने के दौरान एसडीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रतिया शहर में करीबन 11 करोड़ की राशि लाभ पात्रों के खातों में डाल दी गई है और जो राशि बकाया रह गई है उसे भी जल्द खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।