फतेहाबाद। प्रॉपर्टी आईडी को लेकर जारी किए गए प्री असेसमेंट नोटिस को लेकर अब आपत्तियां दर्ज नहीं करवा पाएंगे। कंपनी की तरफ से लगाए जा रहे कैंप अब खत्म कर दिए गए हैं। कंपनी अब जल्द प्रॉपर्टी आईडी को लेकर फाइनल डाटा जारी करने जा रही है। कंपनी ने प्री असेसमेंट नोटिस को लेकर आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए दोबारा मौका दिया था, लेकिन दोबारा लगाए गए कैंप में आपत्तियां न आने के कारण कैंपों को बीच में खत्म कर दिया गया है। ये कैंप नगर परिषद कार्यालय में ही लगाए जा रहे थे।
याशी कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि 10 से 15 दिन में प्रॉपर्टी आईडी का फाइनल मैनुअल डाटा नगर परिषद को सौंप दिया जाएगा। नगर निकाय ने याशी ने कंपनी से सर्वे करवाया था। सर्वे के बाद अब करीब चार माह पहले याशी कंपनी ने डोर टू डोर प्री असेसमेंट नोटिस जारी किए थे। नोटिस जारी करने के बाद कंपनी के पास करीब 2315 आपत्तियां पहुंची। असेसमेंट नोटिस में नाम, पत्ता और क्षेत्र को लेकर सबसे ज्यादा गलतियां दर्ज करवाई गईं। इसके अलावा करीब 25 फीसदी आपत्तियां ऐसी थीं, जिसमें रिहायशी की जगह कामर्शियल क्षेत्र दिखाया गया। याशी कंपनी नगर परिषद को फाइनल डाटा देगी। इसके बाद नगर परिषद इस डाटा को ऑनलाइन दर्ज करेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रॉपर्टी आईडी नंबर को लेकर कंपनी घरों के बाहर बार कोड लगाएगी। मालिक बार कोड को स्कैन करके प्रॉपर्टी की जानकारी ले सकेंगे।
कुल प्रॉपर्टी : 27 हजार
खाली प्लॉट : 6500
बनी हुई प्रॉपर्टी : 20500
वार्ड : 27
अब जल्द नई कॉलोनियों को जारी हो सकते हैं नोटिस
नगर परिषद ने याशी कंपनी से नई कॉलोनियों का प्रॉपर्टी आईडी को लेकर सर्वे करवाया है। इसमें हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आजाद नगर, कालीदास कॉलोनी शामिल है। इन कॉलोनियों का डाटा कंपनी के पास चला गया है। अब कंपनी जल्द इन कॉलोनियों के मालिकों को प्री असेसमेंट नोटिस जारी कर सकी है।
कोट
प्री असेसमेंट नोटिस को लेकर अब कैंप नहीं लगाए जाएंगे। कंपनी 10 दिन में फाइनल डाटा नगर परिषद को मैनुअल दे देगी। पहले जो आपत्तियां आई थी उन्हें ठीक कर दिया गया है। अगर फाइनल डाटा के बाद कोई आपत्ति आती है तो उसे एनडीसी पोर्टल पर ठीक किया जा सकेगा।
-कौशल सरदाना, सुपरवाइजर, याशी कंपनी
कोट
प्री असेसमेंट नोटिस को लेकर अब आपत्तियां नहीं ली जाएंगी। कंपनी जल्द फाइनल डाटा देने जा रही है। इसके बाद अगर किसी की आपत्ति रह जाती है तो उसका बाद में समाधान जरूर किया जाएगा। फाइनल डाटा आने के बाद प्रॉपर्टी मालिकों को बिल कम नोटिस जारी किए जाएंगे।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद