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रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले में एमबीए पास आरोपी गिरफ्तार

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फतेहाबाद। कोरोना महामारी में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के मामले में शामिल आरोपी हिसार निवासी बलदेव उर्फ बाली को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को पुलिस ने हिसार की अग्रसेन मार्केट से पकड़ा है। पकड़ा गया आरोपी एमबीए पास है। पूछताछ में सामने आया है कि बलदेव ने आरोपी अमित को 20 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचा था। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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पुलिस के मुताबिक आरोपी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल था। 30 अप्रैल 2021 को सीआईए टीम फतेहाबाद को सूचना मिली थी कि हिसार का एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेच रहा है। टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए टीम तैयार की और ग्राहक तैयार किया, जिसने आरोपी से संपर्क किया। ग्राहक और आरोपी के बीच एक इंजेक्शन का 35 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। आरोपी स्कूटी पर जब हिसार रोड पर निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास आया, आरोपी ने ग्राहक से 35 हजार रुपये ले लिए और एक इंजेक्शन दे दिया। सीआईए टीम ने छापे मारकर आरोपी के पास से 35 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली और ग्राहक को दिया गया इंजेक्शन भी बरामद कर लिया। इसके अलावा स्कूटी की डिग्गी से 5 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी रजनीश की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचने के आरोप में पकड़े गए आरोपी हिसार निवासी भव्य अग्रवाल और विकास गोयल उर्फ विक्की के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पूछताछ में भव्य ने बताया है कि वह विकास गोयल से ये इंजेक्शन लेकर आया था। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा था। जो इंजेक्शन बरामद हुए हैं उनके ऊपर एमआरपी 5400 रुपये हैं, यानी की इससे ज्यादा रेट पर इंजेक्शन नहीं बेच सकता है। जबकि 35 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचा जा रहा था।
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कोट
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले में आरोपी को पकड़ा है। आरोपी बलदेव ने 20 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचा था।
-रणजीत सिंह, सब इंस्पेक्टर, सीआईए
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