गांव हांसावाला की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के चेहरे पर मायूसी है। हर किसी की जुबां पर जयपाल की शहादत का जिक्र है। सोमवार सुबह हांसावाला के 30 वर्षीय जवान जयपाल गिल जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकवादियों के सर्च ऑपरेशन के दौरान शहीद होने की खबर सोशल मीडिया में आग की तरह फैल गई। हांसावाला व आसपास के गांवों के लोग जयपाल के घर की तरफ दौड़ पड़े। सभी लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे थे। शहीद के परिवारजनों का रो रोकर बुरा हाल था। घर-घर में जयपाल की चर्चा हो रही थी। वह सिर्फ सेना का जवान ही नहीं, बल्कि नेकदिल, मेहनती और होनहार था।
सोशल मीडिया में शहीद की तस्वीरें दिन भर वायरल होती रहीं। वह बच्चों के साथ बेहद लगाव रखता था। जम्मू के भी स्थानीय बच्चों के साथ उसकी बहुत सारी सेल्फी थीं। ग्रामीणों के अनुसार शांत व सरल स्वभाव का जयपाल गांव में आने के बाद हर बड़े-बुजुर्ग को प्रणाम करता था। सभी से मुस्कुरा कर मिलता था। ग्रामीण बताते हैं कि जयपाल सेना में बड़े पद पर पहुंचना चाहते थे। वर्तमान में नायक के पद पर कार्यरत थे। वह प्रमोशन पाकर अगले महीने हवलदार बनने वाले थे। शहीद जयपाल की मां पतासो देवी बताती हैं, चार दिन पहले जयपाल ने वीडियो कॉल की थी। मैं पोते यानी जयपाल के बेटे को सुबह स्कूल छोड़ने जा रही थी। तब वीडियो कॉल कर जयपाल ने बेटे प्रीत की स्कूल ड्रेस को देखा था। बेटे को स्कूल ड्रेस में देखकर बहुत खुश था। उस दौरान परिवार का हाल चाल पूछा। फिर अपनी पत्नी पूजा से बात की। इससे पहले जयपाल मार्च में अपनी शादी की सालगिरह पर घर आया था। एक महीने के बाद अप्रैल में वापस चला गया।
अब चार दिन पहले बात हुई तो बोला- अगले महीने छुट्टी मंजूर होने पर गंाव में आएगा। मगर उससे पहले उसकी शहादत की खबर आई। पतासो देवी कहती हैं, मेरा लाल का दुनिया से चला गया, यह दुख बया नहीं कर सकती। मगर मुझे गर्व है कि बेटे ने देश के लिए जान दी है।
मेरा भाई सबका ख्याल रखता था : मनोज
शहीद जयपाल के भाई मनोज ने बताया कि मैं हिमाचल प्रदेश में जूडो का प्रशिक्षण ले रहा हूं। तीन दिन पहले भैया की कॉल आई थी। उसने मेरा हालचाल पूछा, फिर पूरे परिवार का हाल पूछा। माता-पिता की तबीयत बारे पूछा। मेरी कोचिंग के बारे में भी जाना। फिर बोला- चल ठीक है, अपने भतीजे का ध्यान रखना। उसे खुश रखना, मैं अगले ही महीने छुट्टी पर आ रहा हूं।
शहीद के परिवार को मदद से सरकार : ग्रामीण
गांव हांसवाला के ग्रामीण डॉ. महेंद्र, सरपंच मनदीप गिल व गांव के अन्य मौजिज लोगों ने शहीद जयपाल की शहादत को गांव गौरव बताया है। उन्होंने कहा कि परिवार की स्थिति पर दुख होता है। मगर हमारे गांव के बेटे ने अपनी शहादत से गांव का नाम पूरे देश में रोशन किया है। सरकार को शहीद के परिवार को सरकारी नौकरी व आर्थिक मदद देनी चाहिए। गांव में शहीद की प्रतिमा भी लगनी चाहिए।
बचपन से ही थी सेना में जाने की ख्वाहिश
जयपाल में बचपन से ही देश भक्ति की भावना थी। ग्रामीण बताते हैं कि वह स्कूली पढ़ाई के दौरान ही सेना की तैयारी कर रहा था। शहीद जयपाल सिंह ने गांव के राजकीय स्कूल से आठवीं तक की शिक्षा ग्रहण की जिसके बाद बारहवीं तक शिक्षा उकलाना के निजी स्क्ूल से ग्रहण की। स्नातक की प्रथम वर्ष की परीक्षा पास की तो वर्ष 2009 में उसका चयन आर्मी में सिपाही के पद पर हो गया। इसके बाद भी प्रमोशन पाने के लिए वह लगातार पढ़ाई कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
जयपाल की शहादत की खबर सोशल मीडिया में दिन भर चर्चा में रही। हजारों लोगों ने अलग-अलग सोशल मीडिया के माध्यम से शहीद को श्रद्धांजलि दी और शहादत को नमन किया। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने ट्वीटर के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
आज सुबह 9 बजे हो अंतिम संस्कार
सूचना मिली है कि जयपाल का पार्थिव शरीर सोमवार रात को हांसावाला में पहुंच जाएगा। मंगलवार सुबह 9 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी जाएगी। शहीद की अंतिम यात्रा में सेना के जवानों व प्रशासनिक अमले के अलावा भी हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। दूर दराज के गांवों के लोग भी शहीद के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं।
विलाप करते शहीद के परिवारजन। - फोटो : Fatehabad