गांव हांसावाला के 30 वर्षीय जवान जयपाल गिल जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकवादियों के सर्च ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए। शहीद जयपाल वर्तमान में नायक के पद पर कार्यरत थे और हवलदार पद के लिए उन्होंने प्रमोशन परीक्षा पास कर ली थी। वह अगले महीने हवलदार बन छुट्टी पर आने वाले थे। रविवार को करीब 11 बजे वह शोपियां में अपने तीसरे सर्च अभियान ऑपरेशन घातक के तहत कार्य करते हुए शहीद हो गए।
प्राथमिक सूचना के मुताबिक करंट लगने से शहीद हुए हैं। पोस्टमार्टम के बाद कारण स्पष्ट हो पाएगा। सेना ही पोस्टमार्टम करवाएगी। सोमवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर हांसावाला में पहुंचा नहीं था। देर रात तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मंगलवार सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। जयपाल की शहादत की सूचना पहुंची तो गांव हांसावाला में मातम पसर गया। शहादत की खबर चंद मिनटों में आसपास के जिलों तक फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक जयपाल होनहार थे। उन्होंने वर्ष 2009 में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा पास की थी। उन्हीं दिनों में उनका चयन आर्मी में सिपाही के पद पर हो गया। सिपाही से लांस नायक बने और लांस नायक से नायक का पद पर पहुंचे। अभी हवलदार की परीक्षा भी पास कर ली थी। मार्च 2013 में उनका विवाह कैथल के गांव शेरूखेड़ी निवासी पूजा से हुआ था। शहीद का पांच वर्ष का बेटा प्रीत भी है। बताया गया कि जयपाल गिल जम्मू के शोपियां में 34 आरआर में तैनात थे। जम्मू के शोपिया में जयपाल दो बार सर्च आपरेशन में सफल हो चुके थे। अब वह तीसरी बार गए थे, जहां वीरगति को प्राप्त हो गए। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने ट्वीट कर शहादत को नमन किया। वहीं जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह व हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो चेयरमैन सुभाष बराला ने कहा कि जयपाल की शहादत कभी भुलाई नहीं जाएगी।