कोरोना महामारी के चलते बंद स्कूल सोमवार से पूरी तरह से खुल जाएंगे। आज से कक्षा पहली से लेकर तीसरी तक के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खुलने जा रहे हैं। करीब 162 दिनों के बाद कक्षा पहली से तीसरी तक के 51 हजार विद्यार्थी स्कूल आकर पढ़ सकेंगे। अब तक स्कूलों में कक्षा चौथी से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही थी।
हालांकि विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति लाना जरूरी होगा। ये ही नहीं स्कूल विद्यार्थियों पर हाजिरी के लिए दबाव नहीं डाल सकेंगे। अगर विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ना चाहता है तो उसे पढ़ाना होगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए समय सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजे तक रहेगा। जिले में 384 प्राइमरी स्कूल हैं लेकिन जानकर हैरानी होगी कि 290 स्कूलों में सफाईकर्मी ही नहीं है। जबकि कोरोना महामारी के इस दौर में सफाई व्यवस्था होना सबसे जरूरी है। हालात ये हैं कि शिक्षकों को अपने स्तर पर सफाई करवानी पड़ रही है। कई स्कूलों में मिड डे मील तैयार करने वाले कुक सफाई कर रहे है। ये ही नहीं कई स्कूलों में विद्यार्थियों से सफाई करवाई जा रही है।
20 विद्यार्थियों पर दिया एक ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर भूले
शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका का हवाला देते हुए 20 विद्यार्थियों पर एक ऑक्सीमीटर स्कूलों को दिया है। पहले 30 विद्यार्थियों पर एक दिया गया था। शिक्षकों का कहना है कि ऑक्सीमीटर से जरूर थर्मल स्कैनर है ताकि स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों का तापमान जांचा जा सके।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
पहली 9332
दूसरी 10638
तीसरी 10505
विद्यार्थियों के लिए लागू किए ये नियम
- ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी।
- विद्यार्थी अपने माता-पिता की लिखित अनुमति मिलने पर ही विद्यालयों में पढ़ाई हेतु बुलाए जाएंगे।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी और किसी भी प्रकार का दबाव भी नहीं बनाया जाएगा।
कोट
कक्षा पहली से तीसरी शुरू करने का निर्णय सही है। लेकिन कोरोना महामारी को लेकर शिक्षा विभाग को स्कूलों में सफाई कर्मियों की व्यवस्था करनी चाहिए। जिले के 290 प्राइमरी स्कूलों में सफाईकर्मी नहीं है। ये ही नहीं स्कूलों को ऑक्सीमीटर दे दिए है जबकि सबसे पहले थर्मल स्कैनर देने चाहिए थे। विभाग में किसी भी स्तर पर मैनेजमेंट नहीं है।
- देवेंद्र दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
कोट
स्कूल वैसे पहले से खुल चुके हैं। कक्षा पहली से तीसरी शुरू हो जाएगी। स्कूल इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाएं।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।