फतेहाबाद। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बुधवार को जिले के 367 राशन डिपो पर अन्नपूर्णा उत्सव मनाया गया। इस दौरान कार्ड धारकों को पांच किलोग्राम गेहूं प्रति सदस्य बांटा गया। इस दौरान अधिकारियों से लेकर नेताओं तक ने राशन बांटा। रतिया, टोहाना व जाखल में कुछ जगह पर किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री की फोटो राशन के थैले पर लगी होने का विरोध किया गया। किसान नेताओं ने योजना को विज्ञापन करार देते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
मॉडल टाउन स्थित अमित डिपो पर जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में फतेहाबाद विधायक दुड़ाराम मुख्यातिथि रहे जबकि अध्यक्षता उपायुक्त महावीर कौशिक ने की। विधायक दुड़ाराम, जजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा, उपायुक्त महावीर कौशिक ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत लाभार्थियों को गेहूं के थैले वितरित किए।
विधायक दुड़ाराम व सुरेंद्र लेगा ने कहा कि यह सरकार गरीबों के लिए संवेदनशील सरकार हैं। इसीलिए अप्रैल 2020 से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की। इसमें एएवाई (गुलाबी कार्ड), बीपीएल (पीला कार्ड) व ओपीएच (खाकी कार्ड) धारकों को 5 किलोग्राम गेहूं प्रति सदस्य मुफ्त उपलब्ध कराया हैं। सरकार के निर्णय अनुसार जिले में दो दिन सभी डिपो पर अन्नपूर्णा उत्सव मनाया जाएगा। जिले में 367 राशन डिपो संचालित है, जिन पर एक लाख 2 हजार 117 राशन कार्डधारक है, जिनमें 4 लाख 57 हजार 53 सदस्य है। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत बीपीएल, एएवाई और प्राथमिक परिवार की श्रेणी में परिवार के प्रति सदस्य के हिसाब से 5 व 10 किलोग्राम गेहूं के थैले फ्री में दिया जा रहा हैं। कार्यक्रम में एडीसी अजय चोपड़ा, जिला परिषद सीईओ संजय बिश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, डीएफएससी विनीत जैन, श्याम कंबोज, शम्मी धींगड़ा, महेश शर्मा, डीएफएसओ अनुराधा जांगड़ा आदि मौजूद रहे।
थैले पर फोटो देखकर भड़के किसान
टोहाना (संवाद)। गांव हैदरवाला में किसानों ने सरकार की राशन वितरण योजना के तहत राशन थैलों पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के फोटो लगी देखकर रोष जताया। किसानों व मजदूरों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। प्रदर्शनकारी रमनदीप सिंह रम्मी, खंडूराम सरपंच, गुरचरन सिंह आदि ने कहा कि गरीबों का उपहास उड़ाने जैसी हरकत की गई है। प्रत्येक थैले पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री का फोटो लगाकर इसे विज्ञापन बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों से राशन डिपो पर राशन बांटा जा रहा था तो अबकी बार लिफाफों पर फोटो लगाकर प्रचार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन थैलों का खर्च गरीब के राशन से ज्यादा का है। इसलिए इतने रुपये खर्च करने की बजाय राशन देना चाहिए था।