फतेहाबाद। प्रदेश सरकार थानों में आमजन के लिए मित्र कक्ष खोलने की योजना पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। प्रदेश के ज्यादातर थानों में मित्र कक्ष के लिए करोड़ों रुपये के बजट से भवन निर्माण हो चुका है। मगर अभी तक सरकार ने इन मित्र कक्ष के संचालन के लिए एसओपी जारी नहीं की है। एसओपी जारी नहीं होने से मित्र कक्षों में व्यवस्था शुरू नहीं जा सकी है।
बता दें कि फतेहाबाद जिले में स्थित 10 थानों में मित्र कक्ष खोले जाने हैं। इसमें से अब तक छह थानों में मित्र कक्ष के लिए भवन बनकर तैयार हैं जबकि एक थाने में अभी निर्माण चल रहा है। मित्र कक्ष के नाम से ही स्पष्ट है कि पुलिस विभाग के अंतर्गत यह ऐसा कक्ष होगा, जहां मैत्रीपूर्ण माहौल में आमजन की शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। मगर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसओपी जारी होने के बाद ही मित्र कक्षों के संचालन की शुरुआत की जा सकेगी।
करोड़ों रुपये की लागत से बने भवन
आमजन के लिए थानों में मित्र कक्ष के निर्माण पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। कई भवन तो काफी समय से बनकर तैयार हैं। यहां पर आमजन के लिए बैठने से लेकर उनके लिए मूलभूत सुविधाओं का ध्यान भी रखा गया है। फिलहाल यहां लगे फर्नीचर आदि के रखरखाव को लेकर भी पुलिस विभाग को अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ रहा है।
फतेहाबाद के इन थानों में बनकर तैयार हुए मित्र कक्ष
फतेहाबाद के 10 थानों में मित्र कक्ष बनने हैं। इनमें से अब तक सदर फतेहाबाद थाना, भट्टू कलां थाना, रतिया सदर थाना, जाखल थाना, भूना थाना व महिला थाना में मित्र कक्ष के भवन बनकर तैयार हैं। वहीं, शहर फतेहाबाद थाना हुडा सेक्टर में निर्माणाधीन है, जहां पर मित्र कक्ष का भवन भी बनाया जा रहा है।
लॉकडाउन और कोरोना नियम बने अड़चन
विभागीय अधिकारियों की मानें तो पिछले करीब दो वर्षों से प्रदेश के थानों में मित्र कक्ष खोले जाने की योजना पर काम चल रहा है। कोरोना महामारी और लॉकडाउन लगने के कारण मित्र कक्ष शुरू करने में अड़चनें आ रही हैं। कई जगहों पर मित्र कक्ष बन नहीं पाए तो सरकार भी इन मित्र कक्ष संचालन को लेकर एसओपी जारी नहीं कर पाई।
कोट
सरकार की हर थाने में मित्र कक्ष बनाने की योजना है। फतेहाबाद में भी 10 में से 6 थानों में मित्र कक्ष बनकर तैयार हैं। इन मित्र कक्ष के क्रियान्वयन के लिए एसओपी जारी होनी है, जिसका अभी इंतजार है। जैसे ही एसओपी जारी होगी, मित्र कक्ष आमजन के लिए शुरू कर दिए जाएंगे।
सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद