भूना में निरीक्षण करते एडीसी अजय चोपड़ा।
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भूना। प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़झाले की शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने योजना के पात्र 60 परिवारों के घर-घर जाकर निरीक्षण किया और नगरपालिका ऑफिस में रिकॉर्ड खंगाला। एडीसी की औचक कार्रवाई को लेकर नगरपालिका प्रशासन में खलबली मच गई। एडीसी के आदेश पर नगरपालिका सचिव ने योजना के तहत मकान दिलवाने की एवज में नजराना वसूलने वाले वार्ड नंबर दो के निवर्तमान पार्षद दंपति व टोहाना रोड निवासी सोनू के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पिछले तीन वर्षों से भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। उपरोक्त योजना का कार्य जियो टैगिंग व सर्वे करने के लिए प्राइवेट कंपनी को दिया गया था। कंपनी के कुछ कारिंदो ने योजना के अपात्र लोगों से मोटा कमीशन लेने का समझौता करके पात्र दिखा दिया था। लेकिन इसमें कुछ निवर्तमान पार्षदों की सांठगांठ होने के आरोप लगे थे। योजना में पात्र लोगों से नक्शे के नाम पर पांच से आठ हजार रुपये वसूल लिए गए थे। वहीं कई लोगों ने ढाई लाख में से 50 हजार रुपये नजराना देने का समझौता किया हुआ था। मगर तत्कालीन एसडीएम सुरजीत सिंह की जांच प्रक्रिया के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को रद्द कर दिया था। लेकिन अब पुन: उपरोक्त सूची में शामिल लोगों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक-एक लाख रुपये की किस्त जारी कर दी गई। इसलिए योजना में गड़बड़ झाले को लेकर शुक्रवार को एडीसी अजय चोपड़ा ने घर घर जाकर निरीक्षण किया है। परंतु एडीसी ने अभी अपनी जांच प्रक्रिया में पात्र या अपात्र से संबंधित कोई राज नहीं खोला है। हालांकि नजराना वसूलने के मामले में एडीसी ने वार्ड नंबर दो के निवर्तमान पार्षद व उनके पति के खिलाफ तथा सोहना रोड निवासी सोनू के गूगल अकाउंट पर कई लोगों से पैसे वसूलने से संबंधित मुकदमा दर्ज करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या कहते हैं नगरपालिका सचिव
इस संबंध में नगर पालिका सचिव संदीप कुमार गर्ग ने बताया कि एडीसी अजय चोपड़ा ने शुक्रवार को 60 घरों का औचक निरीक्षण किया है। तीन लोगों के खिलाफ योजना के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस में शिकायत दे दी गई है।