वहीं झगड़े में घायल दूसरे पक्ष के दो युवकों को भी अस्पताल में दाखिल
करवाया गया। देर रात अस्पताल में ही दोनों पक्षों के दर्जनों लोग आपस में
भिड़ गए और जमकर लाठियां चली।
जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी
का माहौल हो गया। अस्पताल स्टाफ और मरीजों को भी कमरों में छिपकर अपनी जान
बचानी पड़ी। एसएमओ विजय जैन ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
सूचना
मिलते ही भारी पुलिस बल अस्पताल पहुंचा और परिसर को घेर लिया। पुलिस के
आते ही हमलावर दीवारें फांद कर फरार हो गए। पुलिस ने घायल की शिकायत पर सात
लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया वहीं अस्पताल में तोड़-फोड़ करने वालों के
खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई
करने की मांग की है।
घायल दर्शन सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने रेफर कर दिया।
पुलिस
को दी शिकायत में गांव महमड़ा निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि वह रविवार
देर शाम को गांव के बस अड्डे के पास से गुजर रहा था कि बादलगढ़ निवासी
लखवीर सिंह उर्फ भोला, कुलदीप सिंह, नेक सिंह उर्फ गगन, अंग्रेज सिंह, दलेल
सिंह, पाला सिंह व महमड़ा निवासी सोनी आदि ने उस पर तेजधार हथियारों से
जानलेवा हमला कर घायल कर दिया।
दर्शन ने बताया कि पास के ही एक घर
में छिपकर उसने अपनी जान बचाई। दर्शन ने आरोप लगाया कि जब उसके परिजनों ने
उसे रतिया के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया तो उक्त हमलावरों के अलावा
उनके दर्जनों साथियों ने अस्पताल के परिसर में ही घुसकर उसके व उसके
रिश्तेदारों पर हमला कर दिया।
दूसरे पक्ष के घायल कुलदीप व गगन ने
बताया कि शाम को उनका स्कूटर दर्शन से टकरा गया था जिसके बाद विवाद हो गया।
जब वे अस्पताल पहुंचे तो सतगुरू, गुरजंट, विंदर आदि ने अपने साथियों के
साथ अस्पताल में उनके ऊपर हमला कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते
हुए पुलिस ने अस्पताल में लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाली और घायल दर्शन के
बयानों पर हमला करने वाले सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी जगदीश चंद ने बताया कि अभी दूसरे पक्ष के बयान नहीं हो पाए हैं। बयान आते ही कार्रवाई की जाएगी।