नाबालिग लड़की का अपहरण करके उससे छेड़छाड़ व दुष्कर्म करने के पांच दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज बलवंत सिंह की अदालत ने 20-20 साल की कैद और 80 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी दोषियों की उम्र 19 से 22 साल के बीच है।
इस मामले में रतिया सदर पुलिस ने रतिया क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता की शिकायत पर 11 फरवरी 2021 को गांव के ही पांच युवकों निर्मल उर्फ निम्मा, जसविंद्र उर्फ जस्सू, गुरप्रीत उर्फ गौरी, जगसीर उर्फ गग्गू व प्रगट सिंह के खिलाफ अपहरण करने, दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट की धारा 6 व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता के पिता ने बताया कि उपरोक्त युवक उसकी बेटी का अपहरण करके गांव की व्यायामशाला में ले गए, जहां पर जगसीर ने उसकी बेटी से दुष्कर्म किया और अन्य युवकों ने उससे छेड़छाड़ की। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद सभी दोषियों को काबू कर लिया था। दोषियों ने बताया था कि प्रगट व गौरी 10 फरवरी की रात को पीड़िता को उसके घर से मुंह बंद करके उठाकर गांव की व्यायामशाला में ले गए थे। यहां पर जगसीर ने उससे दुष्कर्म किया व अन्यों ने जबरन छेड़छाड़ की। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी को दोषी मानते हुए गुरप्रीत व प्रगट सिंह को 20-20 साल कैद व 18500-18500 रुपये जुर्माना तथा जगसीर, निर्मल व जसविंद्र को 20-20 साल की कैद और 14500-14500 रुपये का जुर्माना किया।