पंचायती राज विभाग ने अक्तूबर व नवंबर माह में टेंडर लगाए थे, एक भी एजेंसी सामने नहीं आई, अब दोबारा टेंडर लगाए गए हैं। 3 से 5 लाख रुपये तक के कामों में एजेंसियां व ठेकेदार रुचि नहीं दिखा रही।
हरियाणा के पंचायत मंत्री के जिले फतेहाबाद में पंचायती राज विभाग की ओर से विकास कार्यों के लिए टेंडर तो जारी किए जा रहे हैं, लेकिन एजेंसियां इन कामों के लिए आगे नहीं आ रही हैं। हालात यह हैं कि अक्तूबर 2022 में लगाए गए टेंडरों के लिए भी कोई एजेंसी सामने नहीं आई हैं। एजेंसियां न आने के कारण अब पंचायती राज विभाग को दोबारा से टेंडर लगाने पड़ रहे हैं।
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फतेहाबाद में पंचायती राज विभाग द्वारा गांवों में शेड निर्माण, फिरनियाें, बेंच, गोशालाओं पर शेड लगाने, छोटी गलियां बनाने, पाइप लाइन बिछाने, बीसी चौपाल सहित अनेक कामों के टेंडर जारी किए गए हैं। पंचायती राज विभाग ने 35 ऐसे कामों के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए थे।
इनमें से अधिकांश टेंडर तो अक्तूबर 2022 में लगाए गए थे, जिनमें से किसी भी काम के लिए एजेंसी सामने नहीं आई। इस कारण अब पंचायती राज विभाग को दोबारा से टेंडर लगाने पड़े हैं। एजेंसियों के सामने न आने के कारण गांवों में विकास के काम भी रुके हुए हैं। चुनावी सीजन होने के चलते भले ही पंचायती राज विभाग धड़ाधड़ टेंडर जारी कर रहा है, लेकिन छोटे मोटे कामों के लिए एजेंसियां हिचकिचा रही हैं।
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3 से 5 लाख तक के हैं काम
पंचायती राज विभाग ने गांवों में अब तक जो टेंडर जारी किए हैं, वह 3 से 5 लाख तक के हैं। इन कामों के लिए एजेंसियां सामने नहीं आ रही, क्योंकि उनको इसमें कोई लाभ दिखाई नहीं दे रहा है। सरपंचों का कहना है कि अगर एक साथ कई गांवों के टेंडर जारी करके एक ही एजेंसी को दिए जाएं तो फिर भी कोई एजेंसी सामने आ सकती है। फिलहाल टेंडर न होने के कारण गांवों में विकास का काम नहीं हो पा रहा है। वह अपने स्तर पर ही कुछ काम करवा रहे हैं।
पंचायती राज विभाग की ओर से गांवों में विकास के लिए लगातार टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। कुछ टेंडरों के लिए एजेंसियों के न आने के कारण दोबारा टेंडर डाले गए हैं। -देवेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज विभाग, फतेहाबाद।