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14 नोटिस के बाद भी ठेकेदार ने नहीं डाली पानी निकासी की पाइप

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बस स्टैंड के साथ अस्पताल रोड पर पड़ी पाइपें। - फोटो : Fatehabad
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जनस्वास्थ्य विभाग के अफसर ठेकेदारों पर मेहरबान हैं। ठेकेदारों को औपचारिकता के लिए नोटिस जारी करते हैं लेकिन 14 नोटिस मिलने के बाद भी ठेकेदार अफसरों की नहीं मानता है। अफसर भी ठेकेदारों पर सख्ती करने को तैयार नहीं हैं। ऐसा ही कुछ पानी निकासी के लिए डाली जाने वाली पाइप लाइन प्रोजेक्ट में हो रहा है। मॉडल टाउन में बस स्टैंड के साथ डाली जानी वाली पाइप लाइन का काम 22 माह बाद भी शुरू नहीं हुआ है। अफसर टेंडर लेने वाले ठेकेदार को नोटिस जारी कर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके काम शुरू नहीं हो रहा है।
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हालात ये हैं कि मॉडल टाउन एरिया खासकर नागरिक अस्पताल में दो से तीन फुट तक पानी जमा हो रहा है। ये ही नहीं कबीर बस्ती एरिया, मॉडल टाउन, नागरिक अस्पताल, वाल्मीकि चौक एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। अफसरों और ठेकेदार के बीच साठगांठ से 25 लाख का प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। अगर ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो यहां जमा होने वाला बारिश की पानी के निकासी एसटीपी प्लांट से हो जाएगी।
2019 में नगर परिषद ने दिए थे 62 लाख रुपये
शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए 2019 में नगर परिषद ने जनस्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव मांगा था। जनस्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव बनाकर नगर परिषद को दिया था। नप ने धर्मशाला रोड, कन्या स्कूल के सामने, वाल्मीकि चौक, नागरिक अस्पताल से होते हुए नए बस स्टैंड तक पाइप लाइन डालने के लिए 62 लाख रुपये जारी किए थे। अक्तूबर 2019 में काम शुरू हुआ तो धर्मशाला रोड से तुलसीदास चौक तक पाइप लाइन डाली गई। लेकिन दूसरा प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया।
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एसटीपी में लेकर जाना है पानी
बस स्टैंड के पास बड़ी पाइप लाइन है जो कि खैराती रोड स्थित एसटीपी में जा रही है। शहर के तुलसीदास चौक, बर्फ फैक्ट्री वाली गली, कबीर बस्ती, वाल्मीकि चौक, नागरिक अस्पताल एरिया का पानी व मॉडल टाउन के बरसाती पानी को निकालने के लिए पाइप लाइन डाली जानी है जिसे बस स्टैंड के पास बड़ी पाइप लाइन जोड़ा जाएगा।
ठेकेदार को कर रहे हैं बार-बार नोटिस जारी
ठेकेदार को बार-बार नोटिस जारी किया जा रहा है लेकिन वह काम शुरू नहीं कर रहा है। पहले कोरोना संक्रमण के चलते ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। अगर एक-दो नोटिस के बाद नहीं आता है तो उच्च अधिकारियों से टेंडर रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।
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- आशीष गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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