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डेंगू : चारपाई और बेंच पर लिटाकर हो रहा उपचार

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फतेहाबाद के निजी अस्पताल में चारपाई और बेंच पर दाखिल मरीज। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। डेंगू मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है, जो आंकड़ा सामने आ रहा है संख्या उससे कई गुना ज्यादा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निजी अस्पतालों में बेड खाली ही नहीं है। चारपाई और बेंच पर मरीजों को लिटाकर उपचार दिया जा रहा है। अधिकतर निजी अस्पताल डेंगू आशंकित मरीजों के सैंपल जांच के लिए नागरिक अस्पताल में भेज ही नहीं रहे हैं। अपने स्तर पर ही कार्ड टेस्ट किए जा रहे हैं और इसके 600 रुपये वसूले जा रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में मेल वार्ड में डेंगू वार्ड के नाम पर खानापूर्ति की गई है। यहां पर चार से पांच मरीज दाखिल हैं। जबकि हकीकत यह है कि नागरिक अस्पताल में फिजिशियन ही नहीं है। मजबूरन मरीजों को उपचार के लिए निजी में जाना पड़ रहा है। शुक्रवार को जिले में 26 नए डेंगू के मरीज मिले हैं, वहीं आंकड़ा 300 पार हो चुका है और कुल मरीज 314 हो चुके हैं।
सरकारी अस्पताल में एडमिट मरीज को ही फ्री मिलेंगे प्लेटलेट्स
सरकार की तरफ से दावा किया गया कि प्लेटलेट्स स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाएगा। लेकिन हकीकत ये है कि प्लेटलेट्स स्वास्थ्य विभाग उसी मरीज को उपलब्ध करवाएगा जो कि सरकारी अस्पताल में दाखिल है। विभाग निजी ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स लेकर मरीज को चढ़वाएगा हालांकि अभी तक किसी मरीज को विभाग ने उपलब्ध नहीं करवाया है। सच्चाई ये भी है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाओं के अभाव में मरीज दाखिल ही नहीं हो रहे है।
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प्लेटलेट्स के दो रेट तय, ज्यादा ले तो करें शिकायत
प्लेटलेट्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने रेट तय कर रखे हैं इससे ज्यादा निजी ब्लड बैंक संचालक नहीं ले सकते हैं। एसडीपी के लिए 11 हजार रुपये तथा आरडीपी के लिए 400 रुपये तय किए गए हैं।
डिब्बे में ही पैक होकर रह गई सेपरेटर मशीन
ब्लड कंपोनेट यूनिट लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो साल पहले योजना बनाई थी, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से फतेहाबाद के ब्लड बैंक में सेपरेटर मशीन भी भेजी गई। लेकिन ये मशीन डिब्बे में ही पैक होकर रह गई। कोरोना महामारी के दौरान यहां से मशीन को अग्रोहा मेडिकल भेज दिया गया। इसके बाद करीब तीन माह पहले विभाग ने दोबारा मशीन भेजी लेकिन जगह के अभाव में यूनिट लग ही नहीं पाई।
यहां मिले जिले में नए डेंगू के मरीज
जिले में शुक्रवार को 26 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक भाटिया कॉलोनी 10 वर्षीय लड़का, लंग मोहल्ला निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति, मार्केट कमेटी में 29 वर्षीय युवक, गांव नांढोडी में 31 वर्षीय युवती, रामदास मोहल्ला निवासी 65 वर्षीय युवती, गुरुनानकपुरा मोहल्ला 23 वर्षीय युवती, गीता कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय किशोर, कातारोड भिरड़ाना निवासी 6 वर्षीय बच्ची, गांव रामसरा निवासी 28 वर्षीय युवक, गीता धर्मशाला के पास 7 वर्षीय बच्ची, अग्रवाल कॉलोनी निवासी 10 वर्षीय लड़की डेंगू पॉजिटिव मिली है।
दो स्कूलों के चालान, सरकारी क्वार्टरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आर्यभट्ट स्कूल और लेखराज मेमोरियल स्कूल को लारवा मिलने पर चालान किया है। इसके अलावा अटल किसान मजदूर कैंटीन व सरकारी क्वार्टरों में लारवा मिलने पर नोटिस जारी किया है। अब तक जिले में जांच के दौरान 4564 घरों में लारवा मिल चुका है।
कोट
वायरल बुखार के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादा से ज्यादा फ्लूड लें। नारियल पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं। इससे रिकवरी जल्दी होती है। वायरल बुखार में समय पर दवा और खानपान ठीक रखने से मरीज तीन से चार दिन में ठीक हो जाता है।
- डॉ. एचसी दहिया, फिजिशियन
कोट
जिले में डेंगू के शुक्रवार 26 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा दो निजी स्कूलों में लारवा मिलने पर चालान किए गए हैं। लोगों से अपील है कि वह अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। अगर डेंगू के लक्षण मिले तो जांच जरूर करवाएं।
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- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन
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