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फतेहाबाद: आतंकी संगठन के हैंडलर के फर्जी पासपोर्ट के गवाह हरमनप्रीत का भी बना फर्जी पासपोर्ट, केस दर्ज

Thu, 03 Feb 2022 11:17 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

पासपोर्ट के दस्तावेज तैयार करवाने वाले मनीष ने इसका खुलासा किया। मनीष ने अपने लैपटॉप और मोबाइल फोन को पंजाब में छिपाया। एक दिन का रिमांड पूरा होने के बाद गुरुवार को अदालत में पुलिस ने आरोपी को आगे और रिमांड पर सौंपने की मांग की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर रवि उर्फ नोनू के फर्जी पासपोर्ट के मामले के बाद एक और फर्जी पासपोर्ट को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। हैंडलर रवि उर्फ नोनू के फर्जी पासपोर्ट पर बतौर गवाह हस्ताक्षर करने वाले हरमनप्रीत का भी फर्जी पासपोर्ट जारी हुआ था। पुलिस रिमांड के दौरान रतिया निवासी मनीष ने हरमनप्रीत के फर्जी पासपोर्ट के बारे में खुलासा किया है। 

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आरोपी मनीष से पुलिस को और भी बड़े खुलासे फर्जी पासपोर्ट और आतंकी हैंडलर के नेटवर्क के बारे में होने की उम्मीद है। इसलिए एक दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी मनीष को फिर से अदालत में पेश किया गया, जहां पर पुलिस ने और रिमांड की मांग की। अदालत ने आरोपी मनीष को आगे तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 

रवि उर्फ नोनू के खिलाफ सदर फतेहाबाद थाना में दर्ज हुई फर्जी पासपोर्ट मामले के केस में अब तक दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनमें अहरवां निवासी सतनाम सिंह और रतिया निवासी मनीष शामिल हैं। सतनाम सिंह ने रवि उर्फ नोनू के करन नाम से बने फर्जी पासपोर्ट की वेरिफिकेशन रिपोर्ट पर बतौर गवाह हस्ताक्षर किए। उसके साथ हरमनप्रीत ने हस्ताक्षर किए, जो मूलरूप से गांव अहरवां का निवासी है, लेकिन फिलहाल पंजाब शिफ्ट हो चुका है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार रवि उर्फ नोनू के खिलाफ दर्ज केस में गिरफ्तार रतिया के मनीष ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसने  हरमनप्रीत का भी पासपोर्ट बनवाने के लिए दस्तावेज तैयार किए थे। हरमनप्रीत का फर्जी पासपोर्ट भी रवि उर्फ नोनू के साथ ही बना है।

पुलिस ने ये सब जानकारी में आने के बाद हरमनप्रीत के पासपोर्ट की जांच की तो वो भी फर्जी पाया गया। इसके बाद सदर पुलिस ने हरमनप्रीत के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट बनवाने पर एफआईआर दर्ज कर ली है और इस पासपोर्ट पर फर्जी हस्ताक्षर करने वालों के बारे में छानबीन कर रही है।

चंडीगढ़ से जुड़े तार, पंजाब में छिपाए लैपटॉप और मोबाइल

पुलिस पूछताछ में आरोपी मनीष ने यह भी खुलासा किया है कि फर्जी पासपोर्ट बनवाने में चंडीगढ़ के तिलक नाम के शख्स ने उसकी मदद की। आरोपी तिलक के ठिकानों के बारे में पूछताछ करते हुए पुलिस को ये भी पता चला कि रतिया के मनीष ने अपना लैपटॉप और मोबाइल पंजाब में छिपा रखे हैं। बताया गया है कि पुलिस की एक टीम ने पंजाब से लैपटॉप और मोबाइल बरामद कर लिए हैं। फिलहाल आरोपी मनीष को अदालत से तीन दिन के लिए और रिमांड पर लेते हुए पुलिस ने पूरी गहनता से मामले की जांच आगे शुरू कर दी है।

एक और एफआईआर दर्ज की गई है: एसपी

अहरवां गांव के पते पर करन नाम से बने फर्जी पासपोर्ट के केस की जांच में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आया है कि हरनमप्रीत नाम के व्यक्ति का भी फर्जी पासपोर्ट बनवाया गया है। पुलिस ने सदर थाना में एक और एफआआईआर दर्ज करते हुए हरमनप्रीत को नामजद किया है। इस केस में जांच शुरू की गई और जो भी आरोपी फर्जी पासपोर्ट बनवाने की गतिविधि में शामिल रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। - सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद।

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