आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर रवि उर्फ नोनू का हरियाणा के फतेहाबाद के गांव अहरवां के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में बुधवार को दूसरी गिरफ्तारी हो गई। पुलिस ने राउंडअप किए गए आरोपी टाइपिस्ट मनीष को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में मनीष ने खुलासा करते हुए बताया है कि फर्जी पासपोर्ट बनाने के लिए उसने साढ़े तीन लाख रुपये में डील की थी।
पुलिस ने मनीष से और अधिक जानकारी के लिए कोर्ट से उसे रिमांड पर ले लिया है। इधर, आरोपी सतनाम सिंह की दो दिन की रिमांड समाप्त होने पर कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सतनाम सिंह की निशानदेही पर ही पुलिस ने रतिया से टाइपिस्ट मनीष गिरफ्तार किया।
मनीष के माध्यम से ही तैयार किए गए जाली दस्तावेज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में मनीष ने खुलासा किया कि फर्जी पासपोर्ट के लिए सभी तरह के जाली दस्तावेज तैयार किए गए थे। अहरवां गांव के राजमिस्त्री सतनाम सिंह और हरमनप्रीत सिंह को पासपोर्ट के लिए गवाह बनाया गया। फिलहाल पुलिस ने मनीष को कोर्ट से रिमांड पर लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मनीष से आतंकी संगठन के हैंडलर रवि उर्फ नोनू तक की कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस की छापे की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। बता दें कि सोनीपत पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर रवि उर्फ नोनू को उसकी पत्नी व दोस्त के साथ 29 जनवरी को गिरफ्तार किया था। रवि के कब्जे से फतेहाबाद के पते का फर्जी पासपोर्ट मिला था। अब फतेहाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फतेहाबाद के गांव अहरवां के पते पर बने फर्जी पासपोर्ट के मामले में पुलिस ने आरोपी सतनाम सिंह की निशानदेही पर रतिया के मनीष को गिरफ्तार किया है। मनीष ने फर्जी पासपोर्ट के लिए दस्तावेज तैयार किए थे। कोर्ट ने आरोपी सतनाम सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मनीष को पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा है। मामले की जांच चल रही है। - सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद