हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव अहरवां के पते पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर रवि उर्फ नोनू का फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा होने से सुरक्षा तंत्र में एक बार फिर खलबली मचा गई है। आतंकी गतिविधि में शामिल लोगों के फर्जी पासपोर्ट बनने से सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं।
आतंकी संगठन के हैंडलर रवि उर्फ नोनू मूल रूप से पंजाब के तरनतारन जिले के गांव हरिकेपतन का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रवि उर्फ नोनू के फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मुख्य सूत्रधार गांव अहरवां का एक शख्स है, जिसके हैंडलर से बिजनेस के संबंध में संपर्क रहे हैं। ये शख्स फतेहाबाद में प्रॉपर्टी डीलर है और इसकी आतंकी गतिविधि में कनेक्शन की पड़ताल अभी पुलिस कर रही है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी सतनाम सिंह से पूछताछ के बाद मुख्य सूत्रधार के भतीजे को राउंडअप कर लिया है, उससे पूछताछ की जा रही है।
29 जनवरी को सोनीपत पुलिस के पास जम्मू-कश्मीर पुलिस का इनपुट पहुंचा कि तीन संदिग्ध दिल्ली एयरपोर्ट की तरफ जा रहे हैं। इस पर सोनीपत पुलिस ने मुरूथल टोल प्लाजा के पास गाड़ी सवार रवि उर्फ नोनू को उसकी पत्नी और दोस्त के साथ गिरफ्तार किया। तीनों को जब गिरफ्तार किया गया तो रवि उर्फ नोनू के पास करन नाम का पासपोर्ट मिला जो फतेहाबाद के गांव अहरवां के पते पर बना हुआ था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीनों से पूछताछ की और रवि से उसके पासपोर्ट के बारे में पूछा तो पता चला कि फतेहाबाद में यह पासपोर्ट फर्जीवाड़ा करके बनवाया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस जानकारी को फतेहाबाद पुलिस से वेरिफाई करने के लिए भेजा। फतेहाबाद पुलिस ने जांच की तो अहरवां गांव के पते पर करन नाम से बना पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बना हुआ पाया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिले इनपुट में ये भी जानकारी सामने आई कि नवंबर माह में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो आतंकियों को 28 लाख व 15 लाख की रकम के साथ पकड़ा था।
इन दोनों आतंकियों को फंडिंग करने की जांच करते हुए पुलिस को रवि उर्फ नोनू के बारे में पता चला। इसके बाद से रवि उर्फ नोनू की तलाश जम्मू-कश्मीर पुलिस कर रही थी लेकिन रवि उर्फ नोनू को खुद के पकड़े जाने की भनक लग चुकी थी। इसलिए वह अपनी पत्नी को लेकर चंडीगढ़ के अपने दोस्त की मदद से विदेश भागने के लिए पंजाब से निकला।
मगर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रवि के दोस्त का नंबर ट्रेस कर लिया और इसके बाद जब तीनों दिल्ली एयरपोर्ट के लिए निकले तो इन्हें सोनीपत पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। आतंकियों को फंडिंग के आरोपों में गिरफ्तार हैंडलर के फर्जी पासपोर्ट की जांच अब फतेहाबाद पुलिस कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन के हैंडलर रवि उर्फ नोनू को जम्मू-कश्मीर पुलिस की पूछताछ और कार्रवाई पूरी होने के बाद फर्जी पासपोर्ट मामले में पूछताछ के लिए पुलिस फतेहाबाद लाएगी। हालांकि, हैंडलर को फतेहाबाद लाने से पहले पुलिस फर्जी पासपोर्ट बनवाने में हैंडलर का सहयोग करने वाले सभी संदिग्धों के बारे में पड़ताल पूरी करेगी।
आतंकी संगठन के हैंडलर के फर्जी पासपोर्ट बनने के मामले से पहले टोहाना में भी फर्जी पासपोर्ट के दो मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें एक मामले में पुलिस विभाग, डाक विभाग और पासपोर्ट विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों सहित करीब तीन दर्जन लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि दूसरे मामले में थाईलैंड में मौजूद गैंगस्टर काला राणा को इंटरपोल ने हाल ही में गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक ही परिवार के 6 लोगों को फर्जी पासपोर्ट मामलों की गठित एसआईटी ने शामिल जांच किया था। एक के बाद एक फर्जी पासपोर्ट के सामने आ रहे मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस विभाग की नींद उड़ा दी है।
फर्जी पासपोर्ट मामले में गांव अहरवां निवासी आरोपी सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जिसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया गया है। आरोपी सतनाम सिंह से पूरे मामले में गंभीरता से पूछताछ की जा रही है। कई लोगों के नाम इस मामले में सामने आए हैं। जल्द ही इस मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका जांच करके उन्हें नियमानुसार गिरफ्तार किया जाएगा। -सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद।