हरियाणा फतेहाबाद जिले में भूना से इनेलो के छात्र संगठन आईएसओ के फतेहाबाद जिला के पूर्व प्रधान विनीत मांझू का शव राजस्थान के जैसलमेर जिला के नोख थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी कैनाल से बरामद हुआ है। गांव खजूरी जाटी निवासी विनीत मांझू 22 जनवरी 2022 की शाम करीब 4 बजे अपने घर से दोस्तों के साथ निकले और उसके बाद गायब हो गए थे। विनीत के पिता पूर्व सरंपच पृथ्वी सिंह ने अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट भूना थाना में दर्ज करवाई थी।
गांव खजूरी जाटी के पूर्व सरपंच पृथ्वी सिंह मांझू ने गुमशुदगी शिकायत में बताया था कि उसका इकलौता बेटा एवं आईएसओ के पूर्व जिला प्रधान 29 वर्षीय विनीत मांझू 22 जनवरी की शाम को 4 बजे के गांव भिरडाना निवासी गौरव, किरढान निवासी सुनील तथा धारनिया निवासी प्रवीण कुमार के साथ घर से गया था। गौरव भिरड़ाना और उसके साथ आए लोग विनीत के दोस्त हैं और वह अक्सर साथ आते-जाते रहे हैं इसलिए विनीत के घर न लौटना परिवार को गंभीर नहीं लगा। लेकिन 6 फरवरी तक विनीत नहीं लौटा और परिवार की उससे बातचीत भी नहीं हुई तो चिंता हुई और तलाश के लिए इधर-उधर भागदौड़ शुरू की गई। आखिरकार सात फरवरी को विनीत के पिता पृथ्वी सिंह ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस को दर्ज करवाई।
बेटे की हत्या की खबर के बाद गांव खजूरी जाटी के पूर्व सरपंच पृथ्वी सिंह मांझू ने रोते-बिलखते हुए हुए कहा कि मेरे घर का चिराग क्यों बुझा दिया? कोई रंजिश भी नहीं थी। घर में इकलौते बेटे को हमारे से जुदा कर दिया गया। विनीत की मां को कोई होश नहीं है। विनीत के शव को लेने के लिए परिवार व गांव से 15-20 लोग नोख गए हैं।
मृतक आईएसओ के पूर्व प्रधान विनीत मांझू के गांव खजूरी जाटी से लेकर उसके दोस्त गांव भिरड़ाना निवासी गौरव उर्फ गोरू के गांव भिरड़ाना तक विनीत मांझू की हत्या का शक रुपयों के लेन-देन के चलते होने की चर्चा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि विनीत मांझू और गौरव के बीच दोस्ती गहरी थी और दोनों के बीच लाखों रुपये का लेन-देन था। ऐसी आशंका है कि रुपयों के लेन-देन ही हत्या की वजह बन गया हो, क्यों कि आखिरी बार विनीत घर से गौरव और उसके साथियों के साथ ही निकला था।
गायब हुए खजूरी जाटी के विनीत मांझू का शव राजस्थान के जैसलमेर जिला के नोख थाना क्षेत्र से मिला है। शव की पहचान परिवार ने फिलहाल कर ली है और पोस्टमार्टम कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद हर एंगल से मामले की जांच की जाएगी। परिवार के बयान में अगर किसी पर नामजद आरोप लगाए जाते हैं तो नियमानुसार आरोपी से पूछताछ की जाएगी। -अजैब सिंह, डीएसपी, फतेहाबाद।