रतिया में चिंतित छात्रा सुमन व गरिमा के परिजन।
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रतिया। यूक्रेन से अभी तक भारत नहीं लौटे नागरिकों के परिजन काफी सहमे हुए हैं। विशेषकर महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि, रतिया क्षेत्र के कुछ लोग बॉर्डर पार करके रोमानिया और पोलैंड पहुंच गए हैं। मगर अभी वहां से किसी फ्लाइट के आने की कोई संभावना न होने के चलते उनके परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गई गरिमा अरोड़ा के पिता लवली और सुमन के पिता सुखा अरोड़ा ने बताया कि उनके बच्चे यूक्रेन के बॉर्डर के साथ लगते रोमानिया देश में पहुंच गए हैं, जहां उन्हें शेल्टर होम में ठहराया गया है। गरिमा और सुमन के साथ देश के अलग-अलग राज्यों के करीब 18 एमबीबीएस विद्यार्थी और हैं। वही गरिमा और सुमन के परिजनों ने कहा कि उनके बच्चे यूक्रेन से रोमानिया तो पहुंच गए हैं, लेकिन अलग देश में होने के चलते उनका उनसे संपर्क कभी कभार ही हो रहा है।
चंदो कलां निवासी परिवार भी पोलैंड पहुंचा
रतिया क्षेत्र के ही गांव चंदो कलां निवासी सतनाम सिंह के दो पुत्र अमनदीप व गगन, अमनदीप की पत्नी दीक्षा और उसका छह माह का बेटा, गांव के ही कुलविंदर कौर, गुरुदत्त सहित छह लोग यूक्रेन से पोलैंड पहुंच गए हैं। सतनाम सिंह ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ लगातार संपर्क में है। जैसे ही वे पोलैंड पहुंचे तो उनकी अपने बच्चों से एक बार बात हुई थी लेकिन अब संपर्क नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार उन्हें एयरलिफ्ट करने के लिए पोलैंड में विशेष स्थान पर लेकर गई है, जहां से जल्दी ही उनको भारत लाने की बात कही जा रही है।