शहर की हरनाम सिंह कॉलोनी में केंद्र सरकार का स्कीम बताकर दो-दो हजार रुपये हर माह देने का लालच देकर 27 लोगों के बैंक खाते खोलने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने इन बैंक खातों में अपने मोबाइल नंबर दिए और दो करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया। आर्थिक शाखा की पुलिस टीम की जांच में सामने आया है कि ये ट्रांजेक्शन श्रीनगर और चेन्नई समेत पांच कंपनियों में किया गया है। आरोपियों ने बैंक खाते खोलने के लिए एयरटेल के 30 सिम भी खरीदे थे।
मामले में पुलिस ने शहर की हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी सन्नी की शिकायत पर भंबाराम कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार, हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी जसवंत सिंह तथा दिल्ली निवासी सुखविंद्र सिंह के खिलाफ धोखे से एचडीएफसी बैंक की ब्रांच अहरवां में खाता खोलने और अन्य बैंकों के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
मामले का ऐसे हुआ खुलासा
हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी सन्नी ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 24 मई को कॉलोनी की रहने वाली संतोष घर पर आई और उसकी पत्नी को अपनी दुकान पर ले गई। यहां पर उसके पति संदीप ने कहा कि बैंक अधिकारी आए हैं और प्रधानमंत्री योजना के तहत जीरो बैलेंस खाता खोल रहे हैं और हर माह खाते में दो-दो हजार रुपये आएंगे। आरोपियों ने खाता खोलने के लिए दस्तावेज ले लिए। इसके बाद उसे पता चला कि उसकी पत्नी के नाम पर ज्वाइंट खाता एचडीएफसी बैंक अहरवां में खुला हुआ है। जब वह बैंक में गया तो ब्रांच मैनेजर ने गलत व्यवहार किया और स्टेटमेंट नहीं दी। इसके बाद उसने फतेहाबाद ब्रांच में आकर स्टेटमेंट ली। स्टेटमेंट देखने में पाया गया कि 27 मई 2021 से 1 जुलाई 2021 तक 23 लाख 2 हजार 90 रुपये निकाले गए और 23 लाख 13 हजार 863 रुपये जमा करवाए गए।
पुलिस जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
15 जुलाई को पुलिस के पास शिकायत आने के बाद जांच शुरू हुई तो उसमें फर्जीवाड़ा सामने आया। 16 जुलाई 2021 को मामले में पुलिस ने जांच शुरू की। इसमें सामने आया है कि 27 बैंक खाते अहरवां ब्रांच में खोले गए। इसमें आरोपी संतोष का भी बैंक खाता खोला गया। जिसमें 1797791 रुपये का लेनदेन किया गया। सभी बैंक खातों से 19,300268 रुपये का लेनदेन होना पाया गया। इन बैंक खातों को खुलवाने के लिए एयरटेल कंपनी के 30 नई सिम खरीदे गए। ये खाते भंबाराम कॉलोनी निवासी नरेंद्र ने व जसवंत निवासी हरनाम सिंह कॉलोनी ने खुलवाए। दोनों ने ये कहकर खाते खोले की केंद्र सरकार की तरफ से उक्त खातों में दो-दो हजार रुपये आएंगे। आरोपी नरेंद्र के पास से 13 बैंक खातों की पासबुक व एटीएम तथा चार सिम मिली हैं। नरेंद्र ने पूछताछ में पुलिस बताया कि बैंक खातों के नंबर उसने दिल्ली निवासी सुखविंद्र को दे रखे थे। पुलिस ने सुखविंद्र के मोबाइल नंबर आईडी की जांच की तो वह बंगलूरू कर्नाटक की मिली।
खातों को बंगलूरू और जालंधर टीम करवा चुकी है खाता फ्रीज
पुलिस जांच में सामने आया है कि जो खाते खोले गए थे उनमें से रवि कुमार, रविना व विक्की के खाते को बंगलूरू पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है। इसके अलावा गुलशन, रवि कुमार, रवीना और संतोष के खाते को सायबर क्राइम यूनिट जालंधर ने 6 जुलाई 2021 को फ्रीज करवा दिया था।
संदीप और संतोष को दी क्लीन चिट
पुलिस ने जांच में संदीप और संतोष को क्लीन चिट दे दी है। इसके अलावा अभद्र व्यवहार के आरोप में ब्रांच मैनेजर अहरवां भरत भूषण के खिलाफ भी सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने जांच में कहा है कि संदीप और संतोष द्वारा धोखाधड़ी से रविना का खाता खुलवाने के आरोप नहीं मिले हैं।
कोट
आर्थिक शाखा टीम ने इस मामले की जांच की है। जांच में जो सामने आया है उस आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करके आगे की जांच की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा कि इस गिरोह में कौन लोग शामिल हैं और किस लालच में ये धोखाधड़ी करते थे।
- सुरेंद्रा, शहर थाना प्रभारी।