रोहतक में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रेस वार्ता कर तमाम मुद्दों पर मीडिया के सवालों के जवाब दिए। दुष्यंत चौटाला ने किसान आंदोलन के मुद्दे पर भी खुलकर जवाब दिए।
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को रोहतक में प्रेस वार्ता की। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने संसद में 3 कृषि कानूनों को वापस ले लिया है और किसानों की एमएसपी की मांग पर केंद्र बात करने के लिए तैयार है। अब किसानों को लौट जाना चाहिए और सीमाएं खोल देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि किसानों के खिलाफ गैर-घातक मामलों को भी वापस लिया जाएगा। किसानों की हरियाणा में एमएसपी की मांग थी और हमारी सरकार ने पिछली 2 फसलों में जिसमें अधिकतम खरीद धान और गेहूं की हुई, 30,000 करोड़ रुपये एमएसपी का और 400 करोड़ रुपया बाजरे का भावांतर का, किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर करने का काम किया। मैं चाहता हूं कि केंद्र इसे पूरे देश में रेपलिकेट करे।
दुष्यंत चौटाला ने प्राइवेट क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि हम 15 जनवरी से पहले राज्य के विभिन्न उद्योगों में सभी हरियाणा निवासियों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने की कोशिश कर रहे हैं। दुष्यंत चौटाला ने प्रेसवार्ता के दौरान जननायक जनता पार्टी के व सरकार के कार्यों और रणनीतियों को गिनवाया। चौटाला ने 9 तारीख को झज्जर में होने वाली जेजेपी की रैली के बारे में जानकारी दी और कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की।