गांव खैरोली निवासी बिमला हत्याकांड में में एडिशनल सेशन जज सुधीर जीवन ने सोमवार को राजस्थान एवं हरियाणा का वांछित गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला को दोषी करार दिया है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। केस की सुनवाई के दौरान 19 लोगों की गवाही हुई। कोर्ट ने पपला को दोषी मानते हुए मंगलवार को सजा सुनाने की घोषणा की है।
मालूम हो कि विक्रम उर्फ पपला पर बिमला के भाई महेश एवं उसके बेटे संदीप की हत्या का आरोप था। पपला उक्त मामले में राजीनामा करना चाहता था लेकिन बिमला राजीनामे के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। बाद में विक्रम उर्फ पपला ने बिमला को खत्म करने का ही फैसला लिया। 21 अगस्त 2015 की रात बिमला अपने घर पर सो रही थी। उस रात विक्रम उर्फ पपला एवं उसके साथियों ने बिमला पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी।
बिमला को 23 गोलियां लगी थी। बाद में विक्रम उर्फ पपला ने नवंबर 2015 में बिमला के पिता श्रीराम निवासी बिहारीपुर नांगल चौधरी की भी हत्या कर दी। वह अपने बेटे महेश की हत्या का गवाह था। इस प्रकार आरोपी बिमला के भाई महेश, बेटा संदीप, बिमला स्वयं तथा पिता श्रीराम की हत्या कर चुका था। राजस्थान पुलिस ने 27 जनवरी 2021 को उसकी महिला मित्र जिया के साथ महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया था।
तब से वह अजमेर की अति सुरक्षित जेल में बंद था। 28 सितंबर को उसे नारनौल जेल में शिफ्ट किया गया था। सोमवार को बिमला की हत्या के मामले में नारनौल कोर्ट में तारीख थी। विडियो कांफ्रेंस पर उसको कोर्ट ने उसको दोषी करार दिया है और मंगलवार को उसको सजा दी जाएगी।
वहीं पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अजय चौधरी ने कहा कि मंगलवार को वो फांसी की सजा के लिए दलील करेंगे। जबकि आरोपी पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप भरगड़ ने कहा कि वो इस मामले में हाई कोर्ट जाएंगे। इसी केस में छह आरोपी पहले बरी हो चुके हैं।
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पपला के खिलाफ 19 लोगों ने दी गवाही
बिमला की हत्या के मामले में मृतका के देवर दूड़ाराम की शिकायत पर विक्रम उर्फ पपला एवं उसके साथियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। लगभग छह वर्ष चले मुकदमे में सोमवार को विक्रम उर्फ पपला को दोषी करार दिया गया है। इस मामले में 19 लोगों ने गवाही दी। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर से अंदर से छह गोलियां मिलीं थीं जबकि 23 गोलियां मारी गई थीं। इसमें से कुछ आरपार निकल गई तो कुछ साइड से निकल गई थीं। शरीर से निकाली गई कुछ गोलियां 9 एमएम तथा कुछ देसी पिस्टल की चली हुई थीं। इस मामले में अन्य छह आरोपियों को 12 अप्रैल 2018 को एडिशनल सेशन जज ने नाजर सिंह ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।
दो बार पुलिस पर हमला कर पपला को छुड़ाया
विक्रम उर्फ पपला पर महेंद्रगढ़ में पांच लोगों की हत्या करने का आरोप है। पपला ने वर्ष 2014-15 में चार हत्याएं की थीं। पपला के साथी 7 सितंबर 2017 को महेंद्रगढ़ न्यायिक परिसर में पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा ले गए थे। इस फायरिंग में एक एएसआई के सिर में गोली लगी थी और करीब दो साल बाद कोमा में उसकी मौत हो गई थी। 8 सितंबर 2019 को राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जहां से उसके साथी एके-47 से पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा ले गए थे। जयपुर पुलिस के विशेष दस्ते ने हरियाणा और राजस्थान पुलिस के पांच लाख के इनामी मोस्ट वांटेड विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को 27 जनवरी 2021 को उसकी महिला मित्र जिया के साथ महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया था
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बिमला हत्या कांड में कोर्ट ने आरोपी विक्रम उर्फ पपला को दोषी करार दिया है। माननीय कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को न्याय दिया है। मंगलवार को कोर्ट सजा सुनाएगी। इससे पूर्व वो फांसी की सजा के लिए दलील पेश करेंगे क्योंकि आरोपी गंभीर हत्यारा है। एक ही परिवार के उसने चार लोगों की हत्या की है। -अजय चौधरी, अधिवक्ता, पीड़ित पक्ष।
कोर्ट का फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन अभी हमारे पास आगे के दरवाजे खुले हैं। इस मामले में हम हाई कोर्ट जाएंगे, क्योंकि इसी मामले में छह आरोपी पहले बरी हो चुके हैं। -कुलदीप भरगड़, अधिवक्ता बचाव पक्ष।