चरखी दादरी। 17 माह के बाद सोमवार को जिले में कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। बैठक में कला एवं सांस्कृति कार्य विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश राजस्व विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से खफा नजर आए। इसके साथ ही एक परिवादी के आरोप का जवाब देने मंच पर पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग एक्सईएन रोहित कुमार को डीसी अमरजीत सिंह मान ने झूठ न बोलने तक की नसीहत दे डाली।
हुआ यूं कि बैठक में चरखी दरवाजा निवासी व्यक्ति ने कला एवं सांस्कृति कार्य विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश के समाने सीवरेज समस्या की शिकायत की थी। जिस पर एक्सईएन रोहित कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि समस्या का समाधान करवाया जा रहा है। सुपर शक्कर मशीन भी लगातार मिल रही है। इस उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने एक्सईएन की बात काटते हुए कहा कि एक्सईएन साहब आप झूठ मत बोला करो, पूरे शहर में सीवर-पानी की समस्या बनी हुई है। लोग लगातार इससे परेशान है। इसके अलावा भी सभागार में मौजूद कष्ट निवारण समिति सदस्यों समेत भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार, दादरी विधायक सोमबीर सांगवान ने भी प्रधान सचिव के समक्ष सीवर व पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग की। इस पर संज्ञान लेते हुए प्रधान सचिव ने एक्सईएन को कार्यप्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए और ऐसा न करने पर चार्जशीट करवाने की चेतावनी भी दी। प्रधान सचिव ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली की अतिरिक्त उपायुक्त से गहन समीक्षा करवाने के निर्देश दिए। जनस्वास्थ्य विभाग दीर्घकालीन योजना तैयार कर पीने के पानी और सीवरेज समस्या का निदान करे। विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि शहर की एक लाख आबादी को देखते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में काफी सुधार करने की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने शहर व जिला के विकास से जुड़े अपने सुझाव तथा परामर्श दिए।
95 मिनट में सुने 14 परिवाद, 11 का किया निपटारा
लघु सचिवालय सभागार में बैठक दोपहर दो बजे शुरू होनी थी। प्रधान सचिव डी सुरेश दो बजकर 43 मिनट पर पहुंचे। उन्होंने 95 मिनट में 14 परिवाद रखे, जिसमें से 11 का मौके पर ही निपटारा किया गया। पहला परिवाद में लोहारू रोड निवासी निर्मला ने उमरवास गांव निवासी एक पक्ष पर उनको खरीदी गई जमीन पर कब्जा न देने के आरोप लगाए। फरियादी ने कहा कि अब तक गांव में चकबंदी कार्य नहीं हुआ है। इस पर प्रधान सचिव ने तहसीलदार को तलब कर लिया और उनसे जवाब मांगा। सामने आया कि 23 साल बाद भी उमरवास में चकबंदी कार्य सिरे नहीं चढ़ पाया है। इस पर प्रधान सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को न केवल कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी। उन्होंने तहसीलदार को तुरंत व्यवस्था में सुधार करने और एसडीएम व डीसी को कार्य की मॉनीटरिंग करने के आदेश दिए।
- गबन मामले में सरपंच पर गिरी गाज, ग्राम सचिव पर कार्रवाई नहीं
गांव खेड़ी बूरा में सोलर लाइट के मामले में ग्राम सचिव पर कार्रवाई करने की शिकायत पूर्व पंच दिनेश कुमार ने की। इस पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवरदमन सिंह ने बताया कि ग्राम सचिव की रोहतक बदली हो गई है। इस बारे में रोहतक जिला प्रशासन को पत्र भिजवाया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में केवल सरपंच पर कार्रवाई होना न्यायसंगत नहीं है। उपायुक्त इस बारे में आगे की सुनवाई करेंगे। डीडीपीओ ने बताया कि एसडीएम की जांच में गबन सिद्ध होने के बाद तीन लाख से अधिक की रिकवरी भी की जा चुकी है।
प्रधान सचिव के सामने रो पड़ी फरियादी महिला
बैठक में एक महिला ने अपने पति पर गुजारा भत्ता न देने का आरोप लगाकर प्रधान सचिव डी सुरेश से न्याय की गुहार लगाई। इस पर प्रधान सचिव ने बाढड़ा एसडीएम शंभू राठी से भी जवाब मांगा और सेना में तैनात महिला के पति के कमांडिंग ऑफिसर को इसके लिए पत्र लिखने और महिला के पति को जांच में शामिल करने के निर्देश दिए। इस दौरान महिला व्यथा सुनाते हुए रो पड़ी।
लाखों का जुर्माना लगाने का मतलब ये नहीं आप सही हो
आरटीए विभाग से जुड़ा एक परिवाद भी रखा गया। परिवादी तो सभागार में हाजिर नहीं था, लेकिन प्रधान सचिव ने आरटीए दर्शना भारद्वाज से इस पर जवाब मांग लिया। परिवाद ओवरलोडिंग पर रोक लगाने का था। अपना पक्ष रखते हुए आरटीए दर्शना भारद्वाज ने कहा कि ओवरलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई लगातार जारी है और जुलाई में 95 लाख के चालान हो चुके हैं। प्रधान सचिव ने कहा कि लाखों का जुर्माना लगाने का मतलब ये तो नहीं कि आपकी कार्यप्रणाली सही हो।
दूसरा ठेका चल रहा है तो गलत बात
नरसिंहवास के ग्रामीणों ने आबकारी विभाग से जुड़ा परिवाद बैठक में रखा। इसमें पंचायत के प्रस्ताव पास करने के बाद भी गांव में न केवल शराब ठेका खोलने पर नाराजगी जाहिर की गई, बल्कि ठेकेदार के दो जगहों पर शराब बिकवाने के आरोप भी लगाए गए। इस पर प्रधान सचिव ने कहा कि एक की अनुमति पर अगर दो जगह शराब बेची जा रही है तो गलत है।
जानिए...बैठक में किस विभाग से जुड़े कितने परिवादों की हुई सुनवाई
बैठक में पुलिस और जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़े तीन-तीन परिवाद रखे गए। बिजली निगम से जुड़े दो परिवादों पर बैठक में सुनवाई हुई। वहीं, आबकारी विभाग, आरटीए, पंचायत विभाग, नगर परिषद और मार्केट कमेटी से संबंधित एक-एक परिवाद रखा गया।