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अधूरे संसाधनों के साथ दूसरी लहर की रोकी रफ्तार, कोरोना से जंग अभी भी जारी

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सिविल अस्पताल में कोरोना जांच के लिए सैंपल देता व्यक्ति। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। दादरी जिले ने कोरोना की दूसरी लहर पर अधूरे संसाधनों के बावजूद काफी हद तक काबू पा लिया है। मई के मुकाबले जून में कोरोना की रफ्तार काफी धीमी हुई है और इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 30 दिनों में महज 90 संक्रमित मिले हैं और 237 स्वस्थ हुए हैं। तीसरी लहर के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग संसाधनों की कमी को दूर करने में जुटा हुआ है। दादरी जिले में इस समय एक भी बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और ईएनटी नहीं है, जो चिंता का विषय है। जून माह में जिले में कोरोना की रफ्तार तो कम हुई है, लेकिन पॉजिटिव केस मिलने का सिलसिला निरंतर जारी है।
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दादरी जिले की अगर बात करें तो कोरोना की पहली और दूसरी लहर में संसाधनों की कमी के बावजूद स्थिति ठीक रही है। पहली लहर के मुकाबले जिले में दूसरी लहर का अधिक प्रकोप दिखा। दादरी जिले में मई में कोरोना चरम पर रहा। अकेले अगर मई की बात करें तो जिले में 2569 संक्रमित मिले और 2981 ने कोरोना को मात दी। मई माह में 87 संक्रमितों की मौत हुई है जो अब तक हुई मौतों का करीब 75 फीसदी है। दादरी जिले में अब तक 138 मौतें हुई हैं। जून माह के अगर 30 दिनों की बात करें तो संक्रमितों की संख्या का ग्राफ नीचे लुढ़कर 90 पर पहुंच चुका है। जून माह में 237 संक्रमितों ने कोरोना को हराया है जबकि 12 संक्रमितों की मौत हुई है। जून माह में विभाग ने 17382 सैंपल लिए हैं।
अप्रैल 2020 से 30 जून 2021 तक दादरी जिले में कुल 199429 सैंपल लिए गए हैं जिनमें से 5063 की रिपोर्ट पॉजिटिव और 193681 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब तक दादरी जिले में 4915 संक्रमित कोरोना को हरा चुके हैं और 138 दम तोड़ चुके हैं। जिले में फिलहाल 10 केस सक्रिय हैं। राहत की बात यह है कि कोविड अस्पताल व आइसोलेशन वार्ड में इस समय एक भी संक्रमित भर्ती नहीं है। ब्लैक फंगस संक्रमितों के उपचार की जिले में कोई व्यवस्था नहीं है और अब तक ब्लैक फंगस से ग्रस्त लोगों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ही भेजा गया है।
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- कोरोना काल में बढ़ा सुविधाओं का दायरा, विशेषज्ञों की तैनाती का अभी इंतजार
कोरोना की दो लहरों के दौरान दादरी जिले की चिकित्सा सेवाओं में कुछ हद तक सुधार हुआ है। जिले में पहले एक भी वेंटिलेटर नहीं था जबकि अब इनकी संख्सा 18 पहुंच चुकी है। इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर की कमी भी दूर हुई है। अब अगर गौर करें तो दादरी जिले में दो लहरें आने के बाद विशेषज्ञों की सरकार तैनाती नहीं कर पाई है और तीसरी लहर के दौरान चह नजरअंदाजी जिलावासियों पर भारी पड़ सकती है।
- वैक्सीनेशन में लोगों का मिला विभाग को सहयोग
दादरी जिला में करीब साढ़े तीन लाख लोगों को वैकसीन लगाई जानी है और विभाग दो लाख 39 हजार लोगों को कवर कर चुका है। पिछले डेढ़ माह के अंदर डेढ़ लाख से अधिक लोग कवर हुए हैं और कोरोना की रफ्तार कम होने का यह भी मुख्य कारण है। जिले का गांव गोविंदपुरा शत-प्रतिशत वैक्सीन करवाने वाला प्रदेश का पहला गांव है। जून माह में दैनिक सैंपल संख्या 850 से घटकर 600 पर आ गई है।
कोरोना की रफ्तार तो अब कम हो गई है, लेकिन नए केस लगातार सामने आ रहे हैं। जिले में कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और लोगों से अपील है कि सावधानियां बरतना जारी रखें। तीसरी लहर के मद्देनजर हम तैयारियों में जुटे हुए हैं और संसाधनों की कमी दूर करने पर हमारा फोकस है।
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डॉक्टर सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
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